
हाईकोर्ट ने दी हटाये जाने की अनुमति
जबलपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ के समक्ष एक्सपर्ट कमेटी की तरफ से बताया गया कि इंदौर में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर की आवश्यकता नहीं है। बीआरटीएस कॉरिडोर के कारण यातायात पर दबाव बढ़ गया है और लोगों को परेशानी होती है। सरकार की तरफ से भी बीआरटीएस कॉरिडोर को समाप्त करने के संबंध में सहमति व्यक्त की गयी। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद इंदौर में बीआरटीएस कॉरिडोर को समाप्त करने के आदेश जारी किये है।
गौरतलब है कि बीआरटीएस प्रोजेक्ट को चुनौती देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी द्वारा हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दो याचिकाएं दायर की गयी थी। याचिकाओं की सुनवाई के दौरान इंदौर हाईकोर्ट ने साल 2013 में बीआरटीएस कॉरिडोर की उपयोगिता की जांच करने सीनियर एडवोकेट पीके सक्सेना की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी गठित की थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बीआरटीएस लेन में किसी अन्य वाहन को यातायात की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इंदौर हाईकोर्ट ने कमेटी के अध्यक्ष का निधन होने के कारण सितंबर 2024 में नई कमेटी का गठन किया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि शहर में निरंजनपुर से राजीव गांधी प्रतिमा तक लगभग 11.8 किमी का बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रोजेक्ट वर्तमान परिस्थिति में व्यावहारिक है या नहीं,इस संबंध में रिपोर्ट पेश करेें। इसके लिए हाईकोर्ट ने कमेटी को आठ सप्ताह का समय प्रदान किया था। इसके बाद नवम्बर 2024 को दोनों याचिका सुनवाई के लिए जबलपुर स्थित मुख्यपीठ स्थानांतरित कर दी गयी थी।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने पिछली सुनवाई 12 फरवरी को अपने आदेश में कहा था कि गठित कमेटी एक सप्ताह में बैठक का निर्णय लें। आवश्यक होने पर 23 फरवरी को पुन बैठक करें और दो दिन में 25 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करें। कमेटी के द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट में बताया गया कि यातायात को सुगम बनाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। वर्तमान परिस्थितियों में बीआरटीएस कॉरिडोर के कारण यातायात पर दबाव पड रहा है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। सरकार की तरफ से भी बीआरटीएस कॉरिडोर को प्राप्त करने का समर्थन किया गया। युगलपीठ ने दोनों याचिका का निराकरण करते हुए वर्तमान परिस्थितियों में बीआरटीएस कॉरिडोर को व्यवहारिक नहीं मानते हुए उसे समाप्त करने के आदेश जारी किये है।
