महाकाल में चार लाख भक्तों ने किए दर्शन , मुख्यमंत्री भी आए 

नवभारत न्यूज़

 

उज्जैन । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकाल मंदिर में आज भक्तों का सैलाब उमड़ा । लगभग चार लाख भक्तों ने महाकाल के दर्शन किए।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सपत्नीक महाकाल मंदिर पहुंचकर नंदी गृह के पास बैठकर बाबा महाकाल का पूजन अर्चन कर प्रार्थना की ।

 

विश्वप्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगों में मात्र श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ही शिव नवरात्रि मनाई जाती है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि का यह उत्सव फाल्गुन कृष्ण पंचमी 17 फरवरी से प्रारम्भ हो गया , श्री महाशिवरात्रि महापर्व 26 फरवरी को मनाया गया | महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन 27 फरवरी को वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी।

 

श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन हेतु भक्तो का आगमन सतत हो रहा है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति श्रद्धालुओं को कम समय में श्री महाकालेश्वर भगवान के सुखद, सरल दर्शन करवाने हेतु प्रयासरत है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि, महाशिवरात्रि को श्री महाकालेश्वर भगवान के मंगल पट भस्मार्ती में प्रात 2:30 बजे खुले भक्तों के भस्मारती की ओर बढ़ रहे उत्साह को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातः चलित भस्मारती में दौरान ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को श्री महाकालेश्वर भगवान की भस्मारती के दर्शन हो सके, इसलिए महाशिवरात्रि महापर्व पर भी बाबा श्री महाकालेश्वर की भस्मारती में बिना पंजीयन के भी पट खुलने से लेकर चलित भस्मारती की व्यवस्था में लगभग 20 हज़ार से अधिक भक्तों ने भस्मार्ती का दर्शन लाभ लिया ।

 

महाशिवरात्रि महापर्व पर भस्मार्ती हेतु श्री महाकालेश्वर भगवान जी के मंगल पट प्रात: 02:30 बजे खुले । भस्मारती उपरांत 07:30 से 08:15 दद्योदक आरती, 10:30 से 11:15 तक भोग आरती के पश्यात दोपहर 12 बजे से उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक किया गया | पूजन में संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, ए.डी.जी.पी. उमेश जोगा, डी.आई.जी. नवनीत भसीन, कलेक्टर एवं अध्यक्ष श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक एवं ए.डी.एम. श्री प्रथम कौशिक व तहसीलदार सुश्री रुपाली जैन सम्मिलित हुए |

 

सायं 04 बजे होल्कर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समान गर्म मीठे दूध का भोग लगाया गया| रात्रि में सायं 08 बजे से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरान्त आरती की गई | रात्रि 11 बजे से सम्पूर्ण रात्रि प्रात: भगवान श्री महाकालेश्वर जी का महाअभिषेक व पूजन चला।

 

 

 

शिव धारण करेंगे सवा मन का पुष्प मुकुट

 

श्री महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष में एक ही बार भगवान महाकाल को सवा मन का पुष्प मुकुट धारण कराया जाता है और साथ ही महाशिवरात्रि पर्व पर लगातार भगवान शिव के दर्शन दर्शनार्थियों के लिए 44 घंटे गर्भगृह के पट खुले रहते है। महाशिवरात्रि पर एक एैसा अवसर आता है जिस पर श्री महाकालेश्वर भगवान के पट मंगल नही होते है। इस पर्व पर भगवान महाकाल सवा मन का फूलों से सजा मुकुट(सेहरा) धारण करते है।

सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जायेगा ।

 

27 फरवरी को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होगे ।

Next Post

भोले बाबा की धूम-धाम व गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य बारात

Wed Feb 26 , 2025
० महाशिवरात्रि पर शहर में निकली भोले बाबा की बारात देखने उमड़े शहरवासी, फूलमती मंदिर में धूमधाम से हुआ शिव-पार्वती विवाह नवभारत न्यूज सीधी 26 फरवरी। शहर में आज युवा व्यापारी संघ सीधी द्वारा महाशिवरात्रि पर भोलेबाबा की भव्य बारात स्थानीय सम्राट चौक से शाम 5 बजे निकाली गई। बारात […]

You May Like