
नवभारत न्यूज
रीवा, 25 फरवरी, शादी का झांसा देकर पीडि़ता के साथ जबरदस्ती बलात्कार करने के आरोप में न्यायालय चतुर्थ पर सत्र न्यायाधीश श्रीमती पदमा जाटव द्वारा मामला प्रमाणित पाए जाने पर 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 50000 के अर्थ दंड से आरोपी को दंडित किया है.
घटना 20 अगस्त 2021 की रात की है अभियोक्त्री चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत किराए के मकान में अपने माता-पिता के साथ रहती थी. उक्त दिनांक को उसके बाबा कि गांव में मृत्यु हो गई थी जिस कारण से उसके माता-पिता एवं घर की अन्य सदस्य गांव चले गए थे घर में अभियोक्त्री अकेली थी तभी पीडि़ता के रिश्ते का जीजा शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती सूने घर का फायदा उठाते हुए उसी रात्रि को कई बार बलात्कार किया और उसे डराया धमकाया. बोला कि यदि किसी को बताओगी तो तुझे बदनाम कर देंगे और गलत काम करते समय की वीडियो तैयार कर लिया था. वीडियो वायरल कर देंगे कह कर ब्लैकमेल करने लगा और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा. पीडि़ता डर के कारण मान -मर्यादा एवं लोक लज्जा के कारण किसी को आरोपी के कृत्यो के बारे में नहीं बताई थी. जब आरोपी 20/ 9 /21 को पीडि़ता के साथ शादी करने से मना कर दिया और मिलना जुलना बंद कर दिया तब पीडि़ता ने महिला थाना रीवा में 26 /9 /2021 को आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायती आवेदन के माध्यम से एफआईआर शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाने के संबंध में दर्ज कराई थी. घटना के समय आरोपी भीमसेन भारतीय सेवा में नौकरी करता था.
मामले की पैरवी अपर लोकअभियोजक एडवोकेट विकास द्विवेदी द्वारा की गई. जिसमें 20 साक्षियों की साक्ष्य सूची अभियोजन द्वारा प्रस्तुत की गई थी जिसमें अभियोजन द्वारा 10 साथियों को परीक्षित कराया गया और अपना मामला प्रमाणित किया गया तर्क सुनाए गए जिसके आधार पर चतुर्थ पर सत्र न्यायाधीश श्रीमती पदमा जाटव द्वारा आरोपी भीमसेन यादव निवासी अहीर गांव जिला सतना को धारा 376 भादावि का दोषी पाते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50000 के अर्थ दंड से दंडित किया गया है.
