
नवभारत न्यूज
रीवा, 25 फरवरी, बाणसागर नहरो में पानी न छोडऩे के कारण एवं अधिकारियों द्वारा झूठा वादा करने के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य सहित किसान धरने पर बैठ गए है और नहरो में पानी छोडऩे की मांग पर अड़े है.
क्योटी एवं बहुती नहर में अगर पानी छोड़ा जाता है तो नदी तालाब को यही पानी मिलता है, साथ ही किसान सिंचाई कर लेते है लेकिन कई दिन से पानी है. जिसके विरोध में अनशन शुरू किया गया है. पूर्व में बाणसागर के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था की तालाबों में पानी छोड़ा जाए, लेकिन नही छोड़ा गया. जिला पंचायत सदस्य कामरेड लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि नहर से पानी नदी एवं तालाबों में नहर द्वारा पानी छोडबाया जाए अगर तत्काल नहर में पानी नहीं छोड़ा जाता तो तब तक आन्दोलन जारी रहेगा. बाणसागर के अधिकारियो के द्वारा नहरों में पानी न छोड़े जाने से सिचाई से वंचित गुढ़ क्षेत्र के किसान घटिया निर्माण कार्य के कारण कई जगह नहर फूटी नहरों का मरम्मत सिर्फ कागजो तक सीमित है. गुढ़ विधानसभा के किसान खेतों की सिंचाई नही कर पा रहे हैं. प्रदेश सरकार अपने आप को किसान हितैसी बताने मे नही चूकती है, वहीं गुढ विधान सभा के किसानों को नहर में पानी न आने की वजह से किसानों के खेतो,की $फसल सूख रही हैं वर्तमान में किसान नहर के पानी न छोड़े जाने से सिचाई से वंचित है इस समय सिचाई के लिए पानी की आवश्यकता है, नहर में पानी छोडऩे से किसानो को राहत मिलेगी. अनशन पर दयाशंकर तिवारी सरपंच चौडिय़ार, विनोद कुमार मिश्रा, रविंद्र तिवारी, सन्तोष कुमार मिश्रा, बालेन्द्र तिवारी, अवनीश तिवारी, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे.
