मप्र इन्वेस्टमेंट का नया डेस्टिनेशन

* मप्र में इन्वेस्टमेंट का यही समय है, सही समय है

* पीएम मोदी ने निवेशकों से किया आहवान

* निवेश को लेकर प्रदेश अब देश का नया पॉवर हब बनने तैयार

प्रशासनिक संवाददाता

भोपाल, 24 फरवरी. प्रदेश की राजधानी में बड़े ताल के किनारे श्यामला हिल्स की पहाडिय़ों के बीच बने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मेगा आयोजन में मप्र ने निवेश को लेकर देश में नई लीडरशिप तैयार होने के साफ संकेत दिए. इस दौरान मप्र ने ये बता दिया कि प्रदेश निवेश के लिए देश में नया पॉवर हब बनने के लिए तैयार है, अब कोई निवेशक प्रदेश को नजरअंदाज नहीं कर सकेगा. जीआईएस में मप्र ने देश और दुनिया के निवेशकों के लिए रेड कॉरपेट बिछा दिया. वहीं मेहमाननवाजी से कायल भी किया, साथ ही 18 से अधिक नई नीतियों को एक साथ लांच कर बता दिया कि देश की अर्थव्यवस्था को नए मुकाम पर पहुंचाने में मप्र कदमताल करने में पीछे नहीं रहेगा. यानी मप्र अब इन्वेस्टमेंट का नया डेस्टिनेशन बन गया है. प्रदेश की इस मुहिम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मुहर लगा दी, जब उन्होंने एक-एक कर मप्र की विशेषताओं से देश और दुनिया के निवेशकों को रूबरू कराया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एमपी में इन्वेस्टमेंट करने और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने का यही समय है, सही समय है. यहां बेहतर रिटर्न की अपार संभावनाएं हैं.

 

जीआईएस में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ ही देश के दिग्गज उद्योगपति भी पहुंचें, इसमें अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी भी शामिल थे. अडानी ने वीडियो संदेश में प्रदेेश में वर्ष 20&0 तक सीमेंट, माइनिंग, स्मार्ट महटर, थर्मल इनर्जी सहित ग्रीन इनर्जी और स्टोरेज केपेसिटी में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की, उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में एक लाख 20 हजार निवेश के नए अवसर पैदा होंगे.

 

 

पहली बार एक साथ18 नई नीतियां लॉन्च

 

प्रदेश में जीआईएस के दौरान पीएम मोदी ने पहली बार एक साथ 18 नई नीतियों को लांच किया. उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर वर्चुअल तरीके से लांचिंग की. इन नीतियों में मप्र उद्योग नीति 2025, एमएसएमई नीति, एक्सपोर्ट प्रमोशन नीति, लॉजिस्टिक्स नीति, स्टार्टअप नीति, मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गैमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति, जीसीसी नीति, सेमी कंडक्टर नीति, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति, फिल्म पर्यटन नीति, पर्यटन नीति, पम्पड हाइड्रो स्टोरेज नीति, सिटी गैस डिस्टिब्यूशन नीति, विमानन नीति, नवकरणीय ऊर्जा नीति, स्वास्थ निवेश प्रोत्साहन नीति और एकीकृत टाउनशिप नीति शामिल हैं.

 

मप्र में वह प्रोटेंशियल, जो उसे टॉप 5 रा’यों में करा सकता है शामिल

 

पीएम मोदी ने लगभग 29 मिनट तक संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने मप्र की तारीफ करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी, उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी, वहीं निवेशकों को उन्होंने एक -एक कर मप्र के बारे में बताया कि उन्हें यहां क्यों निवेश करना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि मप्र पॉपुलेशन के हिसाब से 5वां सबसे बड़ा स्टेट है, एग्रीकल्चार और माइनिंग में टॉप पर है. इसके साथ ही रा’य को मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है. दिल्ली, मुम्बई नेशनल हाईवे का बड़ा भाग मप्र से निकलता है, प्रदेश में पांच लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है और लॉजिस्टिक्स की यहां बड़ी संभावना है. मप्र में हर वह प्रोटेंशियल है जो उसे देश के टॉप 5 रा’यों में ला सकता है.

 

पहले सडक़ें खराब होने से बसें नहीं चल पाती थी, अब ईवी में लिडिंग स्टेट है एमपी

 

पीएम मोदी ने कहा कि मप्र ने पिछले दो दशक में ट्रांसफार्मेशन हुआ है. पहले यहां बिजली, पानी की बड़ी दिक्कत थी, लॉयन-आर्डर की स्थिति तो और खराब थी. 20 वर्ष में यहां भाजपा सरकार बनने के बाद गुड गवर्नेंस पर फोकस किया. दो दशक पहले मप्र में निवेश से वंचित था, लेकिन आज एमपी ने निवेश के मामले में देश के टॉप रा’यों में स्थान बना लिया है. पहले खराब सडक़ों के कारण यहां बसें नहीं चल पाती थी, लेकिन अब वह ईवी व्हीकल में देश का लिडिंग स्टेट बन गया है. जनवरी 2025 में ही एमपी में दो लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल रजिस्टर्ड हुए हैं, ये 90 फीसदी का ग्रोथ है, जो देश में सबसे ’यादा है.

 

 

टेक्सटाइल, टूरि’म और टेक्नोलॉजी करोड़ों रोजगार जनरेट करेंगे

 

 

पीएम मोदी ने कहा कि टेक्सटाइल, टूरि’म और टेक्नोलॉजी आगामी वर्षों में देश के विकास को गति देंगे. ये सेक्टर करोड़ों रोजगार जनरेट करेंगे. मप्र सहित देश में मेडिकल टूरि’म की अपार संभावनाए हैं.मप्र तो भारत की कॉटन केपिटल है. यहां देश का 25 फीसदी कॉटन का उत्पादन होता है. मालबेरि सिल्क का सबसे बड़ा प्रोडयूसर है. यहां की चंदेरी और माहेश्वरी साडिय़ों को जीआई टैग मिला हुआ है.

 

महाकाल लोक जरुर जाएं, आशीर्वाद भी मिलेगा नया अनुभव भी मिलेगा

 

उन्होंने समिट में आए डेलीगेट्स से कहा कि वे मध्यप्रदेश आएं है तो उ’जैन के महाकाल महालोक को देखने जरुर जाएं, वहां महाकाल भगवान का आशीर्वाद भी मिलेगा और देश और मप्र टूरि’म और हॉज्ञिपटैलिटी सेक्टर को कैसे एक्सपेंड कर रहा है, इसका अनुभव भी मिलेगा.

 

 

मैंने राजभवन से निकलने में 15-20 मिनट लेट किया

पीएम मोदी ने जीआईएस स्थल में तय समय से देरी से आने की वजह भी बताई और बाकायदा क्षमा याचना भी की. उन्होंने कहा कि मैं जब यहां पहुंचा तो मुझे पता चला कि 10वीं, 12वीं के छात्रों के एक्जाम का समय है. मेरे राजभवन से निकलने का समय उनके समय से क्लेश कर रहा था, संभावना थी कि सिक्योरिटी के कारण रास्ते बंद हो जाएंगे और ब”ाों को एग्जाम देने के लिए जाने में कठिनाई हो सकती है. वे अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचें, इसलिए ही मैंने राजभवन से निकलने में 15-20 मिनट की देरी कर दी. इसलिए मैं आपसे क्षमाप्रार्थी हूं.

 

 

भोपाल को अब यूनियन कार्बाइड नहीं जीआईएस के कारण जाना जाएगा

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जीआईएस को निवेश का महाकुंभ करार देते हुए कहा कि पहले गुगल करने पर भोपाल की यूनियन कार्बाइड वाली काली पहचान सामने आती थी, लेकिन अब भोपाल को जीआईएस के कारण जाना जाएगा. उन्होंने कहा कि जीआईएस की थीम अनंत संभावनाएं है, जो प्रदेश में उद्योग और निवेश की असीमित संभावनाओं को दर्शाती है. अनंत संभावनाएं केवल एक विचार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में अवसरों की व्यापकता को दर्शाने वाला दृष्टिकोण है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प समस्त भारतवासियों ने लिया है, हमारा लक्ष्य देश को 45 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है. विकसित भारत के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकसित मप्र समस्त प्रदेशवासियों के साथ महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।.इसी क्रम में रा’य सरकार अगले 5 वर्षों में रा’य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक वर्ष पहले निवेश तथा औद्योगिक विकास की यात्रा मार्च 2024 में बाबा महाकाल के आशीर्वाद के साथ उ’जैन से शुरू हुई. इस यात्रा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के प्रमुख शहरों में इंटरैक्टिव सेशंस आयोजित किए गए. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूके, जर्मनी एवं जापान में मप्र की विकास गाथा को प्रस्तुत किया गया और उद्योगपतियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं संभावित चुनौतियों को समझा तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया. सरल, निवेश अनुकूल एवं प्रासंगिक नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन, सरलीकृत व्यापार एवं बाधारहित व्यवसाय, सिंगल विंडो सिस्टम को बेहतर बनाना और शासन में पारदर्शिता लाना हमारी उ‘च प्राथमिकता है. प्रदेश में निवेश के प्रयासों के लिए लगातार कार्य करने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है.

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