
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में यूपीएससी परीक्षा के लिए ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को पांच साल की आयु सीमा में छूट देने के मामले में सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई है। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने मामलों पर अपना फैसला सुरक्षित रखने के निर्देश दिये है।
हाईकोर्ट में यह मामले सतना निवासी आदित्य नारायण पाण्डेय व 19 अन्य की ओर से दायर किये गये है। जिसमें कहा गया है कि वह ईडब्ल्यूएस वर्ग से संबंधित हैं। याचिका में केन्द्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग और संघ लोक सेवा आयोग के उन आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिनके आधार पर याचिकाकर्ताओं को ईडब्ल्यूएस वर्ग का होने के बाद भी उम्र के आधार पर प्रतियोगी परीक्षा से वंचित किया जा रहा था। बीते 14 फरवरी को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यूपीएससी परीक्षा में ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को आयु सीमा में पांच साल की छूट देकर परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिये थे। मामले में उभय पक्षों के तर्क पूरे होने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा।
