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सरदारपुर । कालीकराई डेम में पर्याप्त पानी होते हुए भी समय पर चौथी बार का पानी नहर में नहीं छोडऩे से किलोली माइनर एवं कचनारिया के सैकड़ो आदिवासी किसानों कि लगभग 200 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर लगी गेहूं की फैसले बर्बाद होने की कगार पर है दिनांक 18 फरवरी के बाद भी माही परियोजना उपसम्भाग क्रमांक 04 के प्रेशर गेट नंबर 5 और 6 नहीं खोले गए तो देश के अन्नदाता कहलाने वाले किसानों की फैसले पूरी तरह से बर्बाद होना निश्चित है। इधर भारतीय किसान संघ द्वारा भी 17 फरवरी सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में भी गेट नंबर 05 और 06 को खोलने की मांग की गई लेकिन कुंभकरणी में सौया प्रशासन नहीं जागा। अब देखना यह होगा कि माही परियोजना उप संभाग क्रमांक 04 से पानी के लिए किए गए एग्रीमेंट के बावजूद नहीं दिए गए किसानों के हक का पानी का वरिष्ठ अधिकारी दिलवा परियोजना दिलवा पाएंगे या माही परियोजना उप सम्भाग क्रमांक 04 के एसडीओ हीरालाल डावर की मनमानी पर चुप्पी साधे किसानों को बर्बाद होते हुए देखते रहेंगे।
