
शासन ने सदस्यों को भेजी जानकारी
सतना.बिना किसी पूर्व तैयारी के चुनावी फायदे के हिसाब से घोषित हुआ मैहर जिला अब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के संरक्षण में सबसे बडा रोडा बन चुका है.निर्वाचन के दो साल बाद भी नहीं गठित हो पाई जिला योजना समिति के लिए मैहर की जिला योजना समिति के गठन की प्रक्रिया को मुख्य कारण बताया जा रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार राज्य नीति आयोग ने कलेक्टर सतना को भेजे पत्र में बताया है कि राज्य शासन द्वारा जिला सतना का विघटन कर जिला मैहर का गठन किया गया .जिला सतना एवं मैहर में जिला योजना समिति में सदस्यों की संख्या के निर्धारण की कार्यवाही चल रही है.सदस्यों की संख्या निर्धारण के बाद जिला योजना समिति का गठन किया जाना संभव होगा. बताया गया है कि जिला प्रशासन को उक्त आशय का पत्र 13 फरवरी को प्राप्त हुआ है.जबकि पंचायत नगरीय निकाय के चुनाव को हुए दो वर्ष से ज्यादा का समय गुजर चुका है.मैहर को जिला बने भी लगभग डेढ साल से अधिक का समय गुजर चुका है.पात्र सदस्यों का आरोप है कि सरकार उन्हे उन अधिकारों से वंचित करने का प्रयास कर रही है जिन्हे बाकायदें विधानसभा से कानूनी रूप दिया गया है.
