
सांवेर थाने में भी एक घंटे तक ड्रामा चला , किसी ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कारवाई , एक दिन बाद दलित नेताओं का थाने पर धरना
सांवेर . बुधवार को सांवेर क्षेत्र के जेतपुरा गाँव के निवासी पूर्व दलित सरपंच रमेश बोरवाल जो को कुछ महिलाएं और कुछ युवक गालियाँ देते हुए , मारते पीटते हुए ले जा रहे थे . बीचबचाव करने आए बोरवाल के बेटे को भी पीटकर अलग करते हुए ये हमलावर रमेश को कार में बलपूर्वक लादकर ले जाते हैं . सरेआम गुंडागर्दी के रूप में किया या ये पूरा घटनाक्रम ग्रामीणजन सहमकर देखते रहे . हद तो ये है कि ये कुछ देर बाद ये ड्रामा सांवेर थाने में आ गया और थाने के पुलिसकर्मी भी जेतपुरा के ग्रामीणों की ही तरह मौन साधे खड़े रहे . थाने पर आकर सरेराह गुंडागर्दी की नुमाईश करने वालों के ख़िलाफ़ कोई नहीं हुई तो अगले दिन गुरुवार को भीम आर्मी बनाम आजाद समाज पार्टी के दलित नेताओं ने सांवेर थाने पर आकर धरना दिया . इस मामले का दूसरा पहलू आरोपियों का बोरवाल से रुपयों का लेनदेन का है .
गुरुवार को सांवेर थाने के परिसर में क्षेत्र के दलित नेताओं का जमावड़ा हुआ और सांवेर क्षेत्र में सत्ता के कथित संरक्षण में चले रहे गुंडाराज के रूप में बुधवार को सांवेर क्षेत्र के जेतपुरा गाँव में पूर्व सरपंच दलित रमेश बोरवाल के साथ की गई गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ धरना दिया . आजाद समाज पार्टी के विनोद यादव , जेतपुरा के सरपंच हैदर पटेल , जनपद सदस्य राजेश चौहान समेत कई दलित जनप्रतिनिधि एक दिन पहले गुंडागर्दी के शिकार हुए रमेश बोरवाल और इनके बेटों को लेकर गुरुवार को थाने पर पहुंचे थे . पूरजोर मांग की कि आरोपियों के ख़िलाफ़ अपहरण , मारपीट , दलित उत्पीड़न आदि के आरोप में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कारवाई की जाए . पीड़ित बोरवाल के बेटे ने तो एसडीओपी से यहाँ तक कहा कि यदि पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर कड़ी कारवाई नहीं की तो सरेआम अपमानित हुआ उनका परिवार कुछ भी अप्रिय कदम उठा सकता है जिसकी जवाबदारी पुलिस की भी होगी .
थाने पर उपस्थित दलित नेताओं और युवाओं ने वहां मौजूद एसडीओपी प्रशांत भदौरिया के समक्ष जमकर नारेबाजी करते हुए कई संगीन आरोप लगाए कि कोई रघुवंशी और गुर्जर नाम के सत्ता का संरक्षण प्राप्त इंदौर के कतिपय गुंडा तत्वों और उनके गुर्गों द्वारा द्वारा क्षेत्र में किसानों की जमीनों को औनेपौने भाव में जबरिया खरीदकर कालोनियां काटने का गोरखधंधा चलाया जा रहा है जिसमें पुलिस भी सहयोगी की भूमिका में नजर आती है . आरोप ये भी लगाया गया कि अपनी जमीन इन भूमाफियाओं को नहीं बेचने वाले किसानों को ये तत्व बलात्कार जैसे झूठे मामले में फंसाकर जमीन बेचने के लिए विवश कर रहे हैं . रमेश बोरवाल और उनके परिवार के साथ हुए इस दमन में ये ही लोग हैं . एसडीओपी के समक्ष कुछ वीडियो क्लिप बताते हुए ये सवाल भी प्रदर्शनकारियों ने उठाया कि जब गुंडा तत्व पुलिस की तरह जेतपुरा जाकर बोरवाल को मारते पीटते हुए खुद थाने पर लेकर आए थे थाने पर ख़ूब हुड़दंग करते रहे . फिर उन पर पुलिस ने कारवाई क्यों नहीं की .
रमेश बोरवाल की शिकायत पर योगेश शर्मा के साथ 5 – 6 अज्ञात महिलाओं और 2 – 3 पुरुषों के ख़िलाफ़ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अलावा एससी एसटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है . वीडियो की जाँच भी की जा रही है फिर जो भी आगे कारवाई होगी की जाएगी .
प्रशांत भदौरिया
एस डी ओ पी सांवेर
चित्र 1 थाने के गेट पर पीड़ित के साथ धरना देते दलित नेता व कार्यकर्ता
2 पुलिस को दिए कई वायरल वीडियो में बोरवाल के साथ इस तरह के दृश्य है
