
नई दिल्ली 20 फरवरी (वार्ता) भारतीय निर्यातकों का संगठन फियो ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी की भारत यात्रा के बाद भारत और कतर के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का स्वागत किया है।
फियो के अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने बुधवार को इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए कहा कि यह आर्थिक सहयोग को नया आयाम देने के साथ-साथ व्यापार और निवेश प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण पहल की गईं, जो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाएंगी। इनमें द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की स्थापना शामिल है, जो व्यापार, निवेश, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगी और भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगी। इसके अलावा, भारत और कतर ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां और निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
श्री कुमार ने कहा कि इस पहल से व्यापारिक वार्ताओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे व्यापार से संबंधित मुद्दों का समाधान आसान होगा और कारोबारी माहौल अधिक अनुकूल बनेगा। इसी क्रम में दोनों देश व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे व्यापारिक ढांचा अधिक संगठित होगा और भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
इस रणनीतिक साझेदारी के तहत कतर निवेश प्राधिकरण ने भारत में 10 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में नए व्यापार अवसरों को जन्म देगा और दोनों देशों के उद्यमों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा कतर में भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) को लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे सीमा-पार वित्तीय लेनदेन अधिक सरल और प्रभावी हो जाएगा।
व्यापार सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए संयुक्त व्यापार परिषद और अन्य औद्योगिक निकायों के बीच संबंधों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे व्यापार-से-व्यापार (बीटूबी) साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा और भारत तथा कतर के उद्योग जगत के बीच सहयोग को और अधिक गति मिलेगी।
फियो ने यह आश्वासन दिया कि वह इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अपने सदस्यों और हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करेगा ताकि दोनों देशों द्वारा निर्धारित महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। भारत और कतर के बीच यह बढ़ता आर्थिक सहयोग न केवल द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा बल्कि दोनों देशों की दीर्घकालिक समृद्धि और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
