इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए बीएड फर्स्ट ईयर के रिजल्ट को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है. बड़ी संख्या में छात्रों को एटीकेटी मिलने और कई के फेल होने से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं और छात्र संगठनों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के नालंदा परिसर स्थित प्रशासनिक संकुल में विरोध प्रदर्शन किया.
छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले को परीक्षा समिति के सामने रखने का निर्णय लिया है. नालंदा परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी हुई. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और छात्र संगठन के पदाधिकारी प्रशासनिक संकुल पहुंचे. अभाविप के कार्यकर्ताओं ने खराब रिजल्ट के विरोध में नारेबाजी की. छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया.
अभाविप का आरोप मूल्यांकन में गड़बड़ी
अभाविप के महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने कहा बीएड फर्स्ट ईयर का रिजल्ट करीब 44 प्रतिशत आया है. बड़ी संख्या में छात्रों को एटीकेटी आई है या वे फेल हुए हैं. यह उत्तर पुस्तिकाओं के गलत मूल्यांकन का परिणाम हो सकता है इसलिए कुछ कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन कराया जाना चाहिए.
एनएसयूआई ने भी उठाया मुद्दा
इस मामले को लेकर एनएसयूआई और युवक कांग्रेस से जुड़े पूर्व नेता जावेद खान भी विश्वविद्यालय पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं. विश्वविद्यालय इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा.
रजिस्ट्रार ने लिया ज्ञापन
डीएवीवी के रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे ने छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया।उन्होंने कहा कि बीएड के छात्रों की मांगों को विश्वविद्यालय की परीक्षा कमेटी के सामने रखा जाएगा।कमेटी की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
फैक्ट फाइलः बीएड फर्स्ट ईयर रिजल्ट ट्रेंड
वर्ष परीक्षा परिणाम
2025 दिसंबर 43.77′
2025 जनवरी 51.26′
2024 मार्च 46.46′
2023 मार्च 42.97′
पिछले वर्षों के करीब ही ट्रेंड
विश्वविद्यालय के अनुसार इस बार का रिजल्ट पिछले वर्षों के ट्रेंड के करीब ही है. फिर भी डीएवीवी के लिए विवाद का कारण बना. हालांकि परिणाम का प्रतिशत पूर्व वर्षों के समान है लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों को एटीकेटी और फेल होने के कारण यह मामला एक बार फिर डीएवीवी प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन गया है
