
० जल निगम के धनकुबेर दंबग संविदाकार एलसीसी कम्पनी के खिलाफ बिना अनुमति सडक़ खोदने को लेकर पीडब्ल्यूडी द्वारा पुलिस एवं जल निगम में की गई लिखित शिकायत
नवभारत न्यूज
सीधी 19 फरवरी। जल निगम के धनकुबेर दबंग संविदाकार एलसीसी कम्पनी द्वारा पीडब्ल्यूडी से बिना अनुमति लिये सडक़ों को खोद दिया गया। जिसे निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुधार भी नही किया गया। पीडब्ल्यूडी द्वारा बिना अनुमति सडक़ों को खोदने वाली एलसीसी कम्पनी के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस सहित जल निगम में की गई। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नही हुई।
यहां बताते चलें कि जल निगम के संविदाकार एलसीसी कम्पनी की इस मनमानी पूर्ण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग उप संभाग चुरहट के द्वारा प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभागए महाप्रबंधक जल निगम को कई बार पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग की एलसीसी कम्पनी द्वारा क्षतिग्रस्त की गई सडक़ों का मरम्मतीकरण कराने के लिए पत्र लिखा गया किन्तु कम्पनी के द्वारा अभी तक जर्जर सडक़ों का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया।
बताया गया है कि लोक निर्माण विभाग को शोल्डर एवं शोल्डर के बाहर खोदकर मार्गों की कटिंग कर एलसीसी कम्पनी के द्वारा पाईप लाईन बिछाई गई है। जिसके कारण सडक़ों में आवागवन में आम जनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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एलसीसी कम्पनी को अनुमति की नहीं है दरकार?
जल निगम के अंतर्गत गांव-गांव में स्वच्छ पेय जल पहुंचाने के लिए एलसीसी कम्पनी के द्वारा पाईपलाईन बिछाने एवं टंकी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। एलसीसी कम्पनी के द्वारा लोक निर्माण विभाग एवं एमपी आरडीसी की सडक़ों में बिना विभागीय अनुमति के मनमानी तरीके से पाईपलाईन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। जिससे ऐसा लगता है कि एलसीसी कम्पनी अनुमति लेने की दरकार नही समझती है। बताया गया है कि पाईप लाईन बिछाने के पूर्व संंबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। पाईप लाईन बिछाने के दौरान जो भी सडक़ क्षतिग्रस्त होती हैं उसके मरम्मत का भी दायित्व संंबंधित संविदाकार की होती है। किन्तु एलसीसी कम्पनी बिना विभागीय अनुमति के मनमानी तरीके से सडक़ों को क्षतिग्रस्त कर पाईप लाईन बिछाने का कार्य कर रही है। इतना ही नहीं ग्राम पंचायतों में निर्माणाधीन पानी की टंकी की भी एनओसी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं वन विभाग से लिए बिना ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन सबकी शिकायत महाप्रबंधक जल निगम से किए जाने के बावजूद भी जल निगम के द्वारा उक्त शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एलसीसी कम्पनी के इशारे पर जल निगम के अधिकारी काम कर रहे हैं।
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कम्पनी के खिलाफ पुलिस में हो चुकी है शिकायत
अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग उप संभाग चुरहट द्वारा थाना रामपुर नैकिन, थाना चुरहट में एलसीसी कम्पनी पर प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु कई बार पत्र लिखा गया है। दिनांक 17 अप्रैल 2023 को थाना रामपुर नैकिन में की गई शिकायतों में भितरी डांडी टोला मार्ग, नैकिन लालटोला मार्ग, भितरी डांडीटोला मार्ग, कंधवार मार्ग एवं थाना प्रभारी कमर्जी में चुरहट, अमिलिया, सिहावल मार्ग, बघऊं, बिठौली, सजवानी मार्ग के साथ-साथ गडाल-मझियार मार्ग, भरतपुर-शिकारगंज मार्ग, रैदुअरिया-कपुरी मार्ग, लेहेचुआ मार्ग, बघवार मार्ग आदि सडक़ों की बीटी की खुदाई कर मिट्टी बीटी सर्फेस पर एकत्रित कर दी गई है एवं पाईपलाईन डालने के पश्चात लूज मिट्टी की भराई की गई है। जिससे शोल्डर का कैम्बर समाप्त हो गया है। जिसके कारण आवागवन अवरुद्ध हो रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला प्रशासन को भी दर्जनों बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी एलसीसी कम्पनी के द्वारा लोक निर्माण विभाग की जर्जर सडक़ों का दो वर्ष बाद भी मरम्मतीकरण का कार्य नहीं कराया गया। जबकि इस एलसीसी कम्पनी द्वारा मनमानी तरीके से लोक निर्माण विभाग की सडक़ों को क्षतिग्रस्त करने की शिकायत विभाग द्वारा थाना रामपुर नैकिन, थाना कमर्जी, थाना अमिलिया, थाना चुरहट, एसडीओपी चुरहट में वर्ष 2023-24 से अब तक दर्जनों बार किए जाने के बाद भी पुलिस के द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया।
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इनका कहना है
विभाग की बिना अनुमति के एलसीसी कम्पनी एवं जल निगम के द्वारा लोक निर्माण विभाग की सडक़ों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में मेरे द्वारा 2023 एवं 2024 में कई बार थाना प्रभारी रामपुर नैकिन, थाना प्रभारी कमर्जी, थाना प्रभारी चुरहट, थाना प्रभारी अमिलिया, एसडीओपी चुरहट को पत्र लिखकर संबंधितों के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई थी। किन्तु पुलिस द्वारा अभी तक मेरे पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की है।
ज्ञानेन्द्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग चुरहट
एलसीसी कम्पनी के द्वारा बिना अनुमति के लोक निर्माण विभाग की सडक़ों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में विभाग के द्वारा कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ट अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी जा चुकी है।
एम.के.परते, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सीधी
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