डेढ़ सौ साल पुराना सार्वजनिक निस्तार तालाब का कैसे हुआ किसान के नाम दर्ज

ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को दिया ज्ञापन, कहा निजी किसान हटा कर म.प्र. की भूमि किया जाय

नवभारत न्यूज

सरई 17 फरवरी। प्रदेश के पीएचई मंत्री एवं सिंगरौली की प्रभारी मंत्री संपतिया उईके सुहिरा अमिलिया के दौरे पर निगरी वॉय रोड़ से गुजरते समय शिवपाल तालाब के पास ग्राम पंचायत सरपंच व गांव के सैकड़ों किसानों ने गाड़ी रोक कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया गया है कि निगरी के आराजी नं. 282,284,288 पर शासकीय सामुदायिक भवन वर्ष 2017 में निर्माण हुआ है एवं आगनवाड़ी भवन केन्द्र क्रमांक 6 भी वर्ष 2017 में निर्माण हुआ है तथा उक्त आराजी नं. पर सार्वजनिक तालाब लगभग 150 वर्ष पूर्व से बना हुआ है। जिसमे हर वर्ष शासन द्वारा गहरीकरण भी कराया जाता। तालाब में पक्की घाट का निर्माण भी हुआ है। पूरे गांव के लोगों का नहाने-धोने में एवं गर्मी में निस्तार होता है। उक्त आराजी नं. पर ही वर्ष 2017-18 में शासकीय वृक्षा रोपण किया गया है। जो पूरी तरह से पेड़-पौधे फलदार व छायादार तैयार हो गया है। चूंकि जो आराजी नं. 282, 284, 288 को रामसाचे दुबे द्वारा अपने सरपंची कार्यकाल के के दौरान अपने नाम पट्टा बनवा लिया है। जो निराधार है। पूर्व से ही वह आरजी नम्बर म.प्र. शासन की भूमि थी और आज भी लोग शासन की भूमि ही जानते है। उक्त आराजी नम्बर में सामुदायिक भवन व आगनवाड़ी भवन के सामने मिट्टी डलवा कर सार्वजनिक निस्तार को अवरूद्ध किया जा रहा है। पंचायत सरपंच, सचिव एवं सैकड़ों किसानों ने प्रभारी मंत्री को आवेदन देकर जांच करा कर उक्त भूमि म.प्र. शासन कर सार्वजनिक निस्तार के लिए यथावत किया जाए। वही ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच सही नही हुआ तो आन्दोलन भी करेंगे।

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