चौरसिया ने खुद फरार कैदी पर दस हजार रुपए का इनाम किया था घोषित
इंदौर:महू उपजेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार और सत्ता जमाने के आरोपों में निलंबित किए गए डिप्टी जेलर मनोज चौरसिया के खिलाफ अब विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.भोपाल जेल मुख्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के चौरसिया के कार्यकाल के दौरान ही इंदौर के कुख्यात बदमाश पिंटू ठाकुर की जेल में हत्या हुई थी. 7 महीने पहले गाड़राखेड़ी का कैदी राजू, जो बलात्कार के मामले में बंद था, अपने साथी की मदद से जेल से फरार हो गया था. आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिला. इस मामले में अजीब बात यह रही कि डिप्टी जेलर चौरसिया ने खुद फरार कैदी पर दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, जो आमतौर पर पुलिस का काम होता है.
हाल ही में कैदी राजेंद्र के साथ मारपीट के मामले में चौरसिया को निलंबित किया गया था. अब उसकी जगह सेंट्रल जेल में पदस्थ सहायक अधीक्षक दिनेश दांगी को महू उपजेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्रीय जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. जेल मुख्यालय की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि जेल प्रशासन अब कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार और सुरक्षा में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाने जा रहा है.
