रहस्यमयी घटना का हुआ पर्दाफाश
सैटेलाइट इमेज और हाई-टेक जांच से खुलासा
इंदौर:ग्राम बरदरी में अज्ञात गोली से हुई बलराम राठौर की रहस्यमयी मौत का सैटेलाइट इमेज और हाई टेक जांच में पर्दाफाश हो गया. कई दिनों तक बलराम की मौत रहस्य बनी हुई थी, लेकिन तकनीकी विश्लेषण और सटीक जांच के बाद अब यह स्पष्ट हो गया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था, जो फायरिंग अभ्यास के दौरान हुई चूक के कारण हुआ. प्रशासन इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर बीएसएफ अधिकारियों से चर्चा कर रहा है.
फायरिंग रेंज में हुई यह घटना किसी जासूसी उपन्यास की कहानी या फिल्मी घटनाक्रम की तरह बरदरी में निर्माणाधीन बहुमंजिला बिल्डिंग के मैनेजर बलराम राठौर की रहस्यमयी मौत की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई. कई दिनों तक यह पहेली बनी रही कि गोली आई कहां से मजिस्टि्रयल जांच से स्पष्ट हुआ कि बीएसएफ की रेवती रेंज की अल्फा रेंज से चली स्नाइपर राइफल की गोली ने मैनेजर की जान ले ली थी. महीनों तक रहस्यमयी रही घटना की मजिस्टि्रयल जांच कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर अपर कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा कराई गई.
जांच रिपोर्ट में सैटेलाइट इमेज, गूगल मैपिंग और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया. बीएसएफ की रेवती रेंज में चार स्थानों से फायरिंग होती है अल्फा, ब्रावो, चार्ली और डेल्टा. जांच में यह प्रमाणित हुआ कि 24 सितंबर 2024 को सुबह 9 से 9.40 बजे के बीच अल्फा रेंज से फायरिंग की गई थी. इसी दौरान एक गोली लगभग ढाई किलोमीटर का सफर तय कर बालाराम को लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
10 से अधिक बयान दर्ज, स्पेशल बुलेट का हुआ परीक्षण
जांच के दौरान 10 से अधिक लोगों के बयान लिए गए. बीएसएफ की असॉल्ट राइफल और उसमें इस्तेमाल की जाने वाली विशेष बुलेट की बारीकी से जांच की गई. यह भी स्पष्ट हुआ कि स्नाइपर राइफल की गोली 5 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता रखती है
