नयी दिल्ली, 14 फरवरी (वार्ता) थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी 2025 में मासिक आधार पर घट कर 2.31 प्रतिशत पर आ गयी लेकिन पिछले साल की तुलना में थोक महंगाई दर बढ़ी।
दिसंबर 2024 में थोक मुद्रास्फीति 2.37 प्रतिशत और जनवरी 2024 में 0.33 प्रतिशत थी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनवरी, 2025 में थोक मुद्रास्फीति में सालाना आधार पर वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों, खाद्य वस्तुओं, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं और वस्त्रों के विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी 2025 में 7.47 प्रतिशत रही जो इससे पिछले महीने 8.89 प्रतिशत थी।
जनवरी, 2025 में प्राथमिक वस्तुओं के वर्ग में थोक कीमतें सालाना स्तर पर 4.69 प्रतिशत और विनिर्मित वस्तुओं के वर्ग में थोक कीमतों का स्तार 2.51 प्रतिशत ऊंचा था। आलोच्य माह में ईंधन और बिजली की थोक दरें सालाना आधार पर 2.78 प्रतिशत नीचे रहीं।
थोक मूल्य सूचकांक में वस्तुओं की यह केवल मूल (उत्पादक के स्तर की) कीमतों की गणना की जाती है और इसमें कर, छूट/व्यापार छूट, परिवहन और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति के निर्धारण में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति पर गौर करता है।
खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी 2025 में घटकर 4.31 प्रतिशत हो गयी, जो दिसंबर 2024 में 5.22 प्रतिशत थी।
