बिजली बिल वसूलने एमपीईबी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के अमले को आ रहा पसीना
सिंगरौली : जिले के म.प्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का सिंगरौली जिले के 1 लाख 75 हजार उपभोक्ताओं पर 132 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। जिसकी वसूली करने में बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि प्रतिदिन शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 500 से अधिक कनेक्शन काटे भी जा रहे हैं। बावजूद इसके विद्युत उपभोक्ता बिल जमा करने में रुचि नही दिखा रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता सिंगरौली एसपी मिश्रा ने बताया कि पूरे जिले में करीब 2 लाख 36 हजार के समक्ष विद्युत उपभोक्ता है । जिनमें से तकरीबन 55 से 60 हजार ही उपभोक्ता ऐसे हैं जो महीने में अपनी विद्युत शुल्क जमा करते हैं। इसके अलावा करीब 1 लाख 75 हजार उपभोक्ताओ के बिल न जमा करने के कारण बकाया राशि दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है और यह बढ़कर 132 करोड़ के पार हो गई है। हालांकि प्रतिदिन बिजली विभाग की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर 10 से अधिक टीम वसूली के लिए लगाई गई है। जहां उनके द्वारा प्रतिदिन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 500 से अधिक कनेक्शन काटे भी जा रहे हैं ।
बावजूद लोग बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे। इधर जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में 27 करोड़ से अधिक की राशि विद्युत उपभोक्ताओं पर बकाया है। जिसमें तकरीबन 4 करोड़ से अधिक की राशि शासकीय दफ्तरों की बकाया है। हालांकि शासकीय दफ्तरों के बिजली की बकाया राशि मार्च महीने के अंत तक जमा हो जाने की संभावना अधीक्षण अभियंता ने जताई है। उधर बताते चले कि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता इसलिए बिजली बिल जमा नही करते इस बात की इंतजार में रहते हैं कि विधानसभा के चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश में जो सरकार सत्तासीन रहेगी वह सरकार बिजली बिल माफ कर देगी।
संभवत: इसीलिए अधिकांश छोटे उपभोक्ता बिजली बिल नही जमा करते हैं। वही कई गांव के ऐसे उपभोक्ता हैं जहां कई महीनों से बिजली बिल जमा करने में आना-कानी करते आ रहे हैं। इसी तरह शहरी क्षेत्र बैढ़न के भी उपभोक्ता बिजली बिल निर्धारित समयसीमा में जमा नही कर रहे हैं। जिसके चलते करोड़ों रूपये बिजली बिल बकाया है। फिलहाल जिले के उपभोक्ताओं पर बकाया बिजली बिल 132 करोड़ रूपये की वसूली कब तक में पूर्ण होगी। इसपर कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी। वही एमपीईबी अमला गंभीर नही है।
104 करोड़ ग्रामीण क्षेत्र की बकाया है विद्युत शुल्क
जानकारी में बताया गया कि 104 करोड़ से अधिक की राशि ग्रामीण अंचलों में बकाया है ग्रामीण अंचलों में विद्युत शुल्क वसूली करने में बिजली विभाग के कर्मचारियों को पसीने छूट रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा की ग्रामीण अंचलों में विद्युत काटने के बाद लोग कटिया के जरिए बिजली की आपूर्ति अपने घरों में कर ले रहे। इसके अलावा कई सुदूर दूरस्थ जगह होने के कारण विद्युत विभाग की टीम पहुंच भी नही पा रही। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत बकाया राशि 104 करोड़ से ऊपर है।
80 से अधिक उपभोक्ताओं पर है एक-एक लाख बकाया
जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 80 से अधिक विद्युत उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके ऊपर एक लाख या उससे अधिक की राशि बकाया है । हालांकि अधीक्षण अभियंता ने बताया है कि लगातार उपभोक्ताओं को नोटिस देकर उनकी विद्युत सप्लाई बाधित करने की चेतावनी दी जा रही है। लेकिन कहीं न कहीं राजनीति भी इसमें आड़े आ रही है। जिससे हमें भी दबाव में काम करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि विद्युत उपभोक्ता समय रहते अपनी विद्युत शुल्क जमा करते हुए विद्युत बाधित होने की समस्या से बचे और समय रहते बिजली का बिल जमा करें।
इनका कहना
उपभोक्ताओं को प्रेरित किया जा रहा है कि बिजली की बिल जमा करे। जो उपभोक्ता बिजली की बिल नही जमा कर रहे हैं। उनके कनेक्शन विछेद किये जा रहे हैं। लगातार नोटिस जारी की जा रही है।
आरपी मिश्रा
अधीक्षण अभियंता, सिंगरौली
