ग्वालियर, 14 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के ग्वालियर में भारतीय ज्ञान परंपरा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का
आयोजन 15 व 16 फरवरी को होगा।
आयोजन के सचिव डाॅ़ राजेन्द्र वैद्य ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में होगा। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से हमारा देश भारत उच्च मूल्यों, ज्ञान विज्ञान एवं श्रेष्ठ परंपराओं का देश रहा है। भरतीय ज्ञान परंपरा ने विविध क्षेत्रों जैसे दर्शन, राजनीति, खगोल, अर्थशास्त्र आयुर्वेद, जीवन विज्ञान, पर्यावरण, वाणिज्य, गणित, संगीत, ज्योतिष चिकित्सा, भौतिकी, रसायन शास्त्र स्थापत्य कला आदि बहुविषयों में ज्ञान देकर समाज एवं मानव जाति की उन्नति में अतुलनीय योगदान दिया है।
इसी को लेकर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसका शुभारंभ आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग मप्र मनोज श्रीवास्तव करेंगे। इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता बीज व्याख्यान देंगे। एवं संस्कृत संवर्द्धन प्रतिष्ठान नई दिल्ली के अकादमी निदेशक डा चांद किरण सलूजा मुख्य वक्तव्य देंगे। सत्र की अध्यक्षता मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता तथा अध्यक्ष महाविद्यालय जनभागीदारी समिति दीपेन्द्र सिंह कुशवाह करेंगे। इस सत्र में राजा मानसिंह तोमर कला एवं संगीत विश्वविद्यालय की कुलगुरू डा स्मिता सहस्त्रबुद्धे अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग डा कुमार रत्नम विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे।
संगोष्ठी में आईटीएम विश्वविद्यालय के कुलगुरू डा योगेश उपाध्याय, मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। जबकि विशिष्ट अतिथि मध्यभारत शिक्षा समिति के डा राजेन्द्र बांदिल रहेंगे। इस अवसर पर संयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राजकुमार वाजपेयी बीज वक्तव्य देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा हरीश अग्रवाल करेंगे।
इस अवसर पर आयोजन के संयोजक धीरेन्द्र सिंह भदौरिया, प्राचार्य डा हरीश अग्रवाल, समन्वयक डा प्रदीप गुप्ता उपस्थिति थे।

