सीहोर, 11 फ़रवरी (वार्ता) केंद्र सरकार की अति गरीबों की मृत्यु पर बीमा धनराशि दिए जाने की योजना में घोटाला करने वाले 39 आरोपियों को दोषी पाये जाने पर आज पांच-पांच साल की सजा सुनायी गयी है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना नायडू ने 27 साल पहले सरकारी योजना में धोखाधड़ी कर मृतकों के नाम से लाखों रुपए की बीमा धनराशि गबन करने के मामले में दोषी पाये जाने पर 39 आरोपियों को पांच साल की सजा सुनायी है।
इस मामले में सीहोर, राजगढ़ तथा शाजापुर जिले के 49 आरोपियों के खिलाफ आरोप न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण के दौरान मुख्य आरोपी राधेश्याम टी आई के अलावा आठ लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना नायडू ने निर्णय सुनाते हुए 39 आरोपियों को दोषी पाये जाने पर 5-5 साल की सजा और अर्थ दंड से दंडित किया है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। एक आरोपी क़ो दोष मुक्त भी किया गया है। आरोपियों में तात्कालिक सरपंच, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के कर्मचारी समिति के कर्मचारी तथा ग्रामीणजन शामिल थे।
मध्यप्रदेश आर्थिक अपराध ब्यूरो भोपाल ने यह मामला प्रस्तुत किया था।
