सियासत
दिल्ली के चुनाव परिणामों और मख्यमंत्री पद का मामला सुलझने के बाद भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया में लगेगा. सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा को विष्णुदत शर्मा का उत्तराधिकारी 15 फरवरी तक मिलने की संभावना है. राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश आगे भी भाजपा के प्रदेश संगठन को मॉनीटर करते रहेंगे. हालांकि भाजपा प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के ऐलान के बाद होगी. यानी शिव प्रकाश प्रदेश प्रभारी के समानांतर काम करेंगे. शिव प्रकाश ऐसा संघ की योजना से करेंगे. शिव प्रकाश काफी सिद्धांत प्रिय संगठन मंत्री माने जाते हैं. जहिर है उनके आने से ईमानदार और मैदानी भाजपा कार्यकर्ताओं को महत्व मिलेगा.
खासतौर पर जिला कर्यकारिणी के गठन में शिव प्रकाश का दखल होगा. भाजपा ने अपने सभी 1183 मंडलों और 62 जिला अध्यक्षों की घोषणा की है. प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद मंडल और जिला कर्यकारिणी की घोषणाओं का सिलसिला शुरू होगा. पिछले तीन माह से जारी संगठन पर्व में मध्य प्रदेश के 65,015 बूथों में से 55,559 बूथ समितियों के गठन हो चुका है. हर बूथ पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिला है, जो एक रिकॉर्ड है. बूथ समिति का निर्वाचन 65,015 में से 55 हजार 559 पार हो चुका है। प्रदेश में 1 करोड़ 72 लाख सदस्य बने हैं. प्रदेश में सात महिलाओं को जिला अध्यक्ष बनाया गया है. जिला कार्यकारिणी मंडल कार्यकारिणी में भी भाजपा के संविधान के अनुसार महिलाओं का कोटा सुनिश्चित किया जाएगा. यह सभी काम शिव प्रकाश की निगरानी में होंगे.
दिग्विजय सिंह सुरजीत चड्ढा को बचाने में लगे
कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्रसिंह और दिग्विजय सिंह के बीच तू डाल डाल, मैं पात-पात का खेल चल रहा है. दिग्विजय सिंह शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा को बचाने में लगे हैं. जबकि भंवर जितेंद्र सिंह चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी सुरजीत सिंह चड्ढा को हटाया जाए. यूं पटवारी भी सुरजीत सिंह चड्ढा को हटाने के पक्ष में हैं, लेकिन वो दिग्विजय सिंह के लिहाज में यथास्थिति बनाए हुए हैं. इंदौर जिला ग्रामीण अध्यक्ष सदाशिव यादव को लेकर दिग्विजय सिंह का कोई रिजर्वेशन नहीं है. जीतू पटवारी रामेश्वर पटेल के छोटे पुत्र राधेश्याम पटेल को ग्रामीण जिले की कमान देना चाहते हैं. सनद रहे पौधारोपण अभियान के दौरान पिछले वर्ष अगस्त में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस को आमंत्रित करने के लिए गांधी भवन गए थे. वहां शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और सदाशिव यादव ने भाजपा नेताओं का गुलाब जामुन खिला कर स्वागत किया था. यह मामला मीडिया में आने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुआ¸. इस पूरे मामले से प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह नाराज हो गए थे. उनके दबाव में प्रदेश कांग्रेस ने सुरजीत चड्ढा और सदाशिव यादव को 7 दिन के लिए निलंबित किया था.
