
नयी दिल्ली 02 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने वित्त वर्ष 2025 – 26 के आम बजट में श्रम कल्याण के लिए ऐतिहासिक आवंटन की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि यह सामाजिक सुरक्षा की ओर एक परिवर्तनकारी कदम है।
श्री मांडविया ने यहां कहा कि केंद्रीय बजट 2025 में देश के श्रम कल्याण परिदृश्य में एक ऐतिहासिक पहल है, जिसमें गिग श्रमिकों को औपचारिक मान्यता और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा है। उन्होंने देश भर में एक करोड़ से अधिक गिग श्रमिकों के कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि गिग श्रम बल भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नवाचार और दक्षता को बढ़ावा देता है। उनके योगदान को मान्यता देते हुए, उन्हें पीएम जन आरोग्य योजना के तहत पहचान पत्र, ई-श्रम पंजीकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने का सरकार का निर्णय उनकी सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। इसके अलावा, सरकार अन्य असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देश के प्रत्येक श्रमिक के लिए सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उदय ने रोजगार में क्रांति ला दी है, जिससे लचीले कार्य व्यवस्था के नए अवसर पैदा हुए हैं। भारत की गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था में तेजी से विस्तार हुआ है। नीति आयोग की रिपोर्ट ‘भारत की तेजी से बढ़ती गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था’ में अनुमान लगाया गया है कि इस क्षेत्र में कार्यबल 2024-25 में एक करोड़ को पार कर जाएगा और वर्ष 2029-30 तक 2.35 करोड़ हो जाएगा।
श्री मांडविया ने कहा कि श्रम कल्याण और रोजगार सृजन पर सरकार का ध्यान जारी रखते हुए, केंद्रीय बजट में वित्त वर्ष 2025-26 में श्रम और रोजगार मंत्रालय के लिए रिकॉर्ड 32,646 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं । यह पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों से लगभग 80 प्रतिशत अधिक है।
श्री मांडविया ने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है और पिछले साल के संशोधित अनुमानों से लगभग 80 प्रतिशत अधिक है। सरकार का ध्यान नव घोषित रोजगार सृजन योजना (ईएलआई) पर है, जिसके लिए बजटीय आवंटन को 10,000 करोड़ रुपए से दोगुना करके 20,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। कर्मचारी पेंशन योजना के तहत आवंटन में पिछले वर्ष की तुलना में 300 करोड़ रुपए और पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत आवंटन में 37 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
