
भोपाल, 27 जनवरी (वार्ता) लोकायुक्त पुलिस के छापों के बाद चर्चा में आए परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की ओर से आज यहां विशेष अदालत में समर्पण संबंधी आवेदन लगाया गया।
सूत्रों के अनुसार इस घटनाक्रम से माना जा रहा है कि सौरभ शर्मा शीघ्र ही अदालत के समक्ष समर्पण कर सकता है। सौरभ ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से लोकायुक्त की अदालत के समक्ष एक आवेदन पेश किया है, जिसमें उसने समर्पण की इच्छा व्यक्त की है। इस बीच लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि साैरभ शर्मा उसकी हिरासत में नहीं है।
दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में लोकायुक्त पुलिस ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर यहां छापे की कार्रवाई की थी। इस दौरान तीन करोड़ रुपए नगद, करोड़ों रुपयों के गहने और अचल संपत्ति संबंधी दस्तावेज मिले थे। इसी कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग ने भोपाल के पास मेंडोरा के सुनसान स्थान से एक कार से दस करोड़ रुपए नगद और 50 किलोग्राम से अधिक सोना जप्त किया था। इस सोने की कीमत 30 करोड़ रुपयों से अधिक आकी गयी थी। यह कार सौरभ के सहयोगी के नाम पर दर्ज थी। इसके बाद सौरभ और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी छापे की कार्रवाई की थी।
इन काईवाइयों के बाद से सौरभ शर्मा अब तक किसी भी जांच एजेंसी की गिरफ्त में नहीं आया है। उसके दुबई में होने की जानकारी भी सामने आयी थी, लेकिन जांच एजेंसियों ने इस बारे में कुछ नहीं बोला था। हाल ही में सौरभ शर्मा के अधिवक्ता ने सौरभ की जान को खतरा बताते हुए राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग की थी। सौरभ की ओर से लोकायुक्त की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत का आवेदन भी पेश किया गया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
