ग्वालियर: स्व. आशादेवी की स्मृति में गुरूदेव चैरिटेबल ट्रस्ट ने रतन ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से मोतियाबिंद से पीड़ित रोगियों की अंधेरी जिंदगी को पुन: प्रकाशित करने का जो बीड़ा उठाया है, उससे बढ़कर कोई पुण्य काम नहीं हैं। यह विचार संत कृपाल सिंह महाराज ने नेत्र परीक्षण एवं लैंस प्रत्यारोपण शिविर के दौरान व्यक्त किए। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि लोगों के नि:शुल्क रोशनी देने का जो पुनीत कार्य है, इसमें मैं हर प्रकार का सहर्ष सहयोग करने को तैयार हूं। इस दौरान 627 मरीजों का परीक्षण हुआ एवं 400 मरीजों को लैंस प्रत्यारोपण के लिए चिन्हित किया गया।
इस मौके पर संत कृपाल सिंह महाराज ने कहा कि नि:शुल्क शिविर आयोजित कर 60 हजार लैंस प्रत्यारोपण कराना साधारण काम नहीं हैं, इस कार्य के लिए अशोक जैन एवं उनकी पूरी टीम को साधुवाद देता हूं और डॉ पुरेंद्र भसीन से आग्रह करता हूं कि वे राजपूत बोर्डिंग में भी लैंस प्रत्यारोपण का शिविर आयोजित कराएं। इस मौके पर डॉ पुरेंद्र भसीन ने कहा कि रतन ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट 2008 से अब तक 5 लाख नि:शुल्क लैंस प्रत्यारोपण करा चुका है, जिसमेें सबसे ज्यादा 60 हजार लैंस प्रत्यारोपण अशोक जैन के नेतृत्व में गुरूदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से कराए गए हैं। स्वागत भाषण देते हुए डॉ दीपक अग्रवाल ने दिया। इस मौके पर शीला जैन ने सभी अतिथियों का शॉल श्रीफल से सम्मान किया। इस अवसर पर रामबाबू अग्रवाल, आलोक जैन सहित तमाम स्वयंसेवकों ने शिविर में सहयोग किया।
