जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस एके सिंह की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए गोपनीय चरित्रावली लिखने वाले अधिकारी को व्यक्तिगत या वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हाजिर होने के निर्देश दिये हैं।अवमानना याचिकाकर्ता सुरेश प्रसाद दुबे की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, सुशील कुमार तिवारी, आनंद शुक्ला व विनीत टेहनगुरिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि असंवेदनशील तरीके से प्रतिकूल गोपनीय चरित्रावली लिखे जाने से अवमानना याचिकाकर्ता पदोन्नति से वंचित हो गया है।
उसने याचिका के जरिए पदोन्नति रोके जाने के रवैये को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने राहतकारी आदेश पारित किया था। लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। इसलिए अवमानना याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार गोपनीय चरित्रावली में प्रतिकूल टिप्पणी के आधार पर पदोन्नति रोके जाने जैसा बड़ा दंड सर्वथा अनुचित है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये
