
180 करोड़ की लागत से भोपाल में एक और ब्रिज बनेगा
केबिनेट बैठक में मंत्रि परिषद ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय
राजेश नायर
महेश्वर (खरगोन )। मध्य प्रदेश सरकार ने डेस्टिनेशन कैबिनेट के तहत शुक्रवार को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक की. यह देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष को समर्पित रही. बैठक में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से शराबबंदी से लेकर कई मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ था. सीएम ने कहा महेश्वर में कैबिनेट का आयोजन करने का उद्देश्य प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन को बढ़ावा देना है. राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई द्वारा महिला सशक्तिकरण, किसान-कल्याण, सुशासन की दिशा में दिखाए मार्ग पर चलकर समग्र विकास को चरितार्थ करने के लिये संकल्पित है. लोकमाता देवी अहिल्याबाई के सिद्धातों एवं आदर्श राज्य की नीति एवं निर्माण में समाहित किया जायेगा. उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए महिला नेतृत्व एवं सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने प्रभावी कदम बढाए हैं. महेश्वर में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थानों पर शराबबंदी का निर्णय लिया गया.
ये लिए प्रमुख निर्णय
– डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को दिए 25 करोड़, एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा।
– मंत्रिमंडल में तय हुआ कि विशेष परिस्थितियों में मंत्री भी विभागों के ट्रांसफर कर सकेंगे।
– तीन नये जिलों में एयर टैक्सी का विस्तार होगा।
– 180 करोड़ की लागत से भोपाल में एक और ब्रिज बनेगा. बावडिय़ा कला में बनेगा ब्रिज.
– राज्य को शराबबंदी की तरफ ले जाएंगे. 17 धार्मिक नगरों में शराब बंदी होगी. पूरे उज्जैन, दतिया, पन्ना, मंडला, मुल्ताई, मंदसौर, मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, अमरकंटक, चित्रकूट में पूरी तरह से शराबबंदी रहेगी. ग्राम पंचायत सलकनपुर बरमान कला कुंडलपुर बांधकपुर में भी पूरी तरह से शराब बंदी.
– मां नर्मदा के तट पर पांच किलोमीटर तक शराब बंदी रहेगी.
– बंदी जेल में विद्यमान क्यूबिक से ही न्यायालयीन प्रक्रिया में शामिल होंगे. ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि उन्हें न्यायालय न जाना पड़े. इसी प्रकार चिकित्सकों द्वारा अस्पताल से ही बयान दर्ज कराने की व्यवस्था भी की जा रही है.
नर्मदा पूजन, अहिल्याजी को किया नमन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं संपूर्ण मंत्रिपरिषद ने महेश्वर के नर्मदा घाट पर विधि विधान से मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की. इस पूजन में 20 स्थानीय पंडितों के द्वारा नर्मदाष्टक का उच्चारण किया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं मंत्री परिषद ने मां नर्मदा को चुनरी समर्पित कर, दुग्ध अभिषेक किया एवं प्रदेश की समृद्धि की कामना की.
राजगादी के दर्शन किए
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल ने अहिल्या किला स्थित राजगादी के दर्शन किए और राजवाड़ा में फोटो सेशन कराया. महेश्वर में यह दूसरा मौका है जब मंत्रिमंडल बैठक होने जा रही है. इससे पहले 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती ने महेश्वर में बैठक कराई थी. नर्मदा पूजन के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव अन्य मंत्रियों के साथ बस में सवार होकर बैठक स्थल की तरफ रवाना हो गए.
