भिंड: गोहद में पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई के दौरान मिट्टी के घड़े में चांदी के 113 सिक्के मिले। मुगलकालीन ये सिक्के 1700 से 1800 ईस्वी मध्य के बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर सिक्कों को जब्त कर लिया है। एसडीएम पराग जैन का कहना है कि पुरातत्व विभाग को भी जानकारी दी है। वह इन सिक्कों की जांच करेगा।
मजदूरों को मिला ढक्कन बंद घड़ा
गोहद के वार्ड 11 कालिया कंठ मंदिर के पास गुरुवार को नल-जल योजना के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाए जाने के लिए रामकुमार सिंह गुर्जर, पंजाब सिंह गुर्जर के घर के पास खुदाई की जा रही थी। मजदूरों को ढक्कन लगा हुआ मिट्टी का घड़ा मिला। उसमें चांदी के सिक्के भरे हुए थे।
मजदूरों से खजाना छीन ले गए लोग
सिक्के मिलते ही स्थानीय रहवासी रामकुमार सिंह और पंजाब सिंह ने मिट्टी के घड़े को मजदूरों के हाथ से छीन लिया और घर के अंदर ले गए। धीरे-धीरे सिक्के मिलने की जानकारी पूरे वार्ड में फैल गई।
प्रशासन ने जब्त किए सिक्के
एसडीओपी सौरभ कुमार, तहसीलदार विश्राम शाक्य, गोहद टीआइ मनीष धाकड़, पटवारी अनुज शर्मा सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने चांदी के सिक्कों को जब्त कर उन्हें धोया। जिस स्थान पर चांदी के सिक्के मिले हैं, उसके आसपास 500 मीटर के क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने अब मशीनों से खुदाई करानी शुरू कर दी है।
सिक्कों पर उर्दू में लिखा अलखामी
प्रोफेसर इकबाल अली ने बताया कि ये सिक्के 1800 ईस्वी के लग रहे हैं। सिक्कों पर उर्दू में अलखामी करके कुछ लिखा हुआ है। ऐसा हो सकता है कि अलखामी उस समय किसी मुद्रा का नाम हो। पुरातत्व विभाग की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा।
