दर्ज, सुरक्षा कर्मियों से गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
ग्वालियर: व्यापम घोटाले के खुलासे वाले आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उन पर सुरक्षा कर्मियों से गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप है। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें आशीष चतुर्वेदी को अपने सुरक्षा कर्मियों से गाली-गलौज करते और धमकी देते हुए सुना जा सकता है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद ग्वालियर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ग्वालियर के न्यू आवासीय परिसर में तैनात एसएएफ के जवानों ने आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जवानों का कहना है कि चतुर्वेदी ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और उनका अपमान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आशीष ने उन्हें अपनी ड्यूटी से जुड़े मामलों में जबरन हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर किया और उन्हें ड्यूटी के दौरान कई अपमानजनक कार्य करने को कहा।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की है और मामला आईपीसी की धारा 506 (धमकी देना), 294 (गाली-गलौज), और 353 (सरकारी अधिकारी के कार्य में बाधा डालना) के तहत दर्ज किया है। यह कार्रवाई झांसी रोड थाना पुलिस ने की है।सुरक्षा कर्मियों की शिकायत के अनुसार वे जब आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा में एसएएफ के जवान तैनात थे, तो उन्होंने देखा कि चतुर्वेदी उन्हें न केवल अपमानित करते थे, बल्कि घरेलू काम भी करवा रहे थे। रामू सिंह कुशवाह, जो कि भिण्ड जिले के निवासी हैं और एसएएफ में तैनात हैं, ने बताया कि उन्हें और उनके साथियों को आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा के दौरान कई अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि चतुर्वेदी ने उन्हें और उनके साथियों को गाली दी, और यदि वे किसी काम को सही तरीके से नहीं करते थे तो उन्हें मानसिक यातना दी जाती थी। इसके अलावा, एक गंभीर आरोप यह था कि जब एक बार बाइक में पेट्रोल नहीं था, तो आशीष चतुर्वेदी ने पेट्रोल भरवाने की बात करने पर उन्हें धमकी दी कि वह उन्हें जिन्दा जला देंगे।
रामू सिंह और उनके साथियों का कहना है कि उन्हें बार-बार अपमानित किया जाता था और यदि वे आशीष के आदेशों का पालन नहीं करते थे, तो उन्हें नौकरी से निकालने और वर्दी उतरवाने की धमकी दी जाती थी। यह स्थिति कई महीनों तक बनी रही, जिसके कारण जवानों की मानसिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी।
