ग्वालियर: एक नव विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतका उत्सव शर्मा, एक पुलिस आरक्षक की पत्नी थी और वह संक्रांति के मौके पर अपने मायके आई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।मृतका का पति, पुलिस आरक्षक अरुण शर्मा अपनी पत्नी उत्सव शर्मा को जबरन अपने साथ मुरैना के संजय कॉलोनी स्थित अपने घर ले गया। इसके बाद युवती को अचेत अवस्था में ग्वालियर के झांसी रोड स्थित जनकल्याण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मायके पक्ष ने इस घटना को हत्या करार दिया है और आरोप लगाया है कि युवती को मारपीट के बाद गला घोंटकर मारा गया। उनका कहना है कि युवती के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे और उसकी चूड़ियां टूट कर कलाई में घुस चुकी थीं, जिससे यह साबित होता है कि उसे न केवल शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसकी हत्या की गई है।इस घटना के बाद ग्वालियर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस के अनुसार, यह मामला एक घरेलू हिंसा का प्रतीत होता है, जिसमें युवती की हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने जांच तेज कर दी है और सभी संबंधित पक्षों से बयान लेने शुरू कर दिए हैं।
आरोपों के मुताबिक, मृतका उत्सव शर्मा और पुलिस आरक्षक अरुण शर्मा की शादी 8 फरवरी 2023 को हुई थी। शादी के बाद से ही उत्सव शर्मा अपने ससुराल में प्रताड़ना झेल रही थी। मायके पक्ष का कहना है कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर अरुण शर्मा और उसके परिवार वालों ने युवती से लगातार पैसों और अन्य सामान की मांग की थी। विरोध करने पर उसे शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाती थीं। यहां तक कि युवती ने कई बार अपने परिवार से इस बारे में शिकायत भी की थी, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं निकला। उत्सव अपने मायके आई थी, लेकिन वह किसी भी हालत में ससुराल लौटने के लिए तैयार नहीं थी। परिवार के अनुसार, उत्सव ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वह अपने पति के साथ जाने के लिए सहमत नहीं है, क्योंकि वह अपने ससुराल में असुरक्षित महसूस करती थी। फिर भी, जबरन उसे अपने ससुराल ले जाया गया और अगले ही दिन उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप: ससुरालियों पर हत्या की साजिश का आरोप
उत्सव के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने उसकी हत्या की योजना बनाई थी। उनका कहना है कि रात को ही उत्सव के साथ मारपीट की गई और फिर दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया गया। इस दौरान उसके हाथों की चूड़ियां टूट कर कलाई में घुस गईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि उसे न केवल पीटा गया बल्कि उसकी हत्या करने के लिए भी अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया।
