
भोपाल, 12 जनवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कुछ समय पहले परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके ठिकानों पर छापों के दौरान करोड़ों रुपए की चल अचल संपत्ति के खुलासे के साथ ही कथित तौर पर मिली “डायरी” के संबंध में जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
श्री पटवारी ने यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि सौरभ शर्मा के ठिकानों पर सबसे पहले छापे की कार्रवाई लोकायुक्त की टीम ने की और 66 पेज की कथित डायरी सबसे पहले लोकायुक्त के पास ही आयी। इसके बाद सौरभ के मामले में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कार्रवाई की। लेकिन इतने समय बाद भी सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी नहीं होना या फिर वह कहां पर है, इसकी जानकारी सामने नहीं आना, अनेक संदेहों को जन्म देती है। इसके साथ ही कथित डॉयरी और उसके सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे छह पन्नों के बारे में भी कोई जवाबदार क्यों कुछ नहीं बोल रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया में चल रहे कथित डॉयरी के लगभग छह पेजों को मीडिया के समक्ष पेश करते हुए दावा किया कि इसमें लगभग 1300 करोड़ रुपयों का हिसाब किताब है। जब छह पेजों में ही इतना हिसाब किताब है, तो सभी 66 पेजों में कितना हिसाब किताब होगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे प्रारंभ से ही बोलते आ रहे हैं कि लगभग बीस हजार करोड़ रुपयों का यह घोटाला है।
श्री पटवारी ने कहा कि “दो मुख्यमंत्रियों” के कार्यकाल का जिक्र आ रहा है। तथाकथित वायरल हो रहे पन्नों में ‘टीएम’ ‘टीसी’ ‘सी’ और अन्य कोड वर्ड हैं। जांच एजेंसियां या जिम्मेदार लोग क्यों नहीं इस बारे में बोल रहे हैं। प्रतिदिन और मासिक उगाही और उससे जुड़ा हिसाब किताब भी इन पन्नों में है। फिर क्यों इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चुप हैं, जो कहते हैं कि “ना खाऊंगा और ना ही खाने दूंगा।”
श्री पटवारी ने आशंका जताते हुए कहा कि कथित डॉयरी और उसके पन्नों को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा होगा। सौरभी शर्मा के अस्तित्व को भी खतरा है। क्योंकि उसके दिमाग में इस मामले से जुड़ी सभी जानकारियां हैं। तभी तो उसके परिवारवालों से भी इस संबंध में पूछताछ नहीं हुयी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से सौरभ शर्मा की जान को खतरा है और यदि कुछ हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी। इसलिए तो हम कहते हैं कि भाजपा अपने भ्रष्टाचार को छिपा रही है और संविधान खतरे में है।
श्री पटवारी ने कहा कि जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक कथित डॉयरी परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापों के दौरान ही मिली है। फिर जांच एजेंसियां उसे अब तक क्यों नहीं ढूंढ पायीं। सौरभ के मामले में सबसे पहले लोकायुक्त और फिर आयकर तथा ईडी ने भी कार्रवाई की है। इस दौरान करोड़ों रुपए की चल अचल संपत्ति के साथ ही 11 करोड़ रुपए नगद और कई किलो सोना मिला है।
