महज 50 मी तक सिमटी दृश्यता, सामान्य से 6.2 डिग्री नीचे गिरा पारा
सतना :इस मौसम में अब तक पड़ी ठंड के बीच सोमवार को अचानक हाड़ कंपाऊ जाड़ा अपना रौद्र रुप धारण करता दिखाई दिया. घने कोहरे की वजह से एक ओर जहां 50 मीटर तक दिखना भी मुश्किल हो गया वहीं दूसरी ओर दिन भर में महज चंद पलों के लिए ही सूर्यदेव के दर्शन हो सके. इतना ही नहीं बल्कि अधिकतम तापमान के सामान्य से 6.2 डिग्री नीचे पहुंच जाने के कारण शीतलहरी के थर्ड डिग्री टार्चर ने लोगों को हलाकान करने में कोई कसर नहीं रख छोड़ी.
मौसम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को शहर में दिन का अधिकतम तापमान महज 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिन का यह तापमान एक ओर जहां सामान्य की तुलना में 6.2 डिग्री नीचे गिर गया. वहीं दूसरी ओर पिछले 24 घंटें में भी इसमें 1.1 डिग्री की कमी देखने को मिली. हलांकि रविवार की रात से ही कोहरे का असर शुरु हो गया था. लेकिन सुबह होने तक यह इतना घना हो गया कि दृश्यता घटते हुए महज 50 मीटर तक सिमट कर रह गई. आलम यह रहा कि सोमवार को घने कोहरे के असर के चलते सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए. हलांकि दोपहर ढाई बजे कुछ देर के लिए सूर्यदेव मेहरबान हुए.
लेकिन चंद पलों के बाद वे फिर से ओझल हो गए. जिसका नतीजा यह हुआ कि सोमवार को पूरे दिन लोग बुरी तरह से ठिठुरने को मजबूर नजर आए. वहीं शाम होते-होते हालात काफी गंभीर नजर आने लगे. शाम ढलने पर चलने वाली सर्द हवाओं ने लोगों को बुरी तरह से प्रभावित करना शुरु कर दिया. जिसके चलते अधिकांश लोगों को बाहर की खुली हवा छोडक़र बंद कमरों की शरण लेना पड़ा गया. इतना ही नहीं बल्कि सोमवार को पूरे दिन लोगों को अलाव के सहारे बिताने के लिए भी मजबूर होना पड़ा. वहीं मौसम के तीखे तेवरों की वजह से सर्दी-खांसी और बुखार के साथ-साथ उल्टी-दस्त से संबंधित मरीजों की संख्या में खासा इजाफा होता नजर आने लगा. प्रभावितों में बच्चों से लेकर बुजर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं.
दो दिन तक यही रहेंगे तेवर
मौसम केंद्र भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार समूचे विंध्य में सोमवार को घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जो कि अगले दो दिनों यानी 7-8 जनवरी तक जारी रहने की संभावना है. हलांकि सोमवार की तुलना में कोहरे की स्थिति में सुधार होगा और यह घने से मध्यम में तब्दील हो जाएगा. लेकिन इसके बावजूद भी कड़ाके की ठंड का असर जारी रहेगा. दो दिन के बाद कोहरे की स्थिति सुधर जाएगी. उस दौरान दिन में धूप खिलने के बावजूद रात के पारे में गिरावट का क्रम शुरु हो जाएगा
