
छिंदवाड़ा। किशनपुर गांव के सार्वजनिक कुएं में झाग दिखने से ग्रामीणों में हडकंप मच गया। दरअसल गांव के कुएं से नल के जरिए पानी की सप्लाई होती है। बुधवार को जब पानी की सप्लाई हुई तो अचानक पानी में झाग दिखने लगा। लोगों को शंका हुई तो कुएं के पास जाकर देखा तो कुएं में मरी मछली देखी गई। गांव वालों को शक है किसी ने पानी में जहर मिलाया होगा। जिसके बाद पीएचई स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। दरअसल जनपद पंचायत बिछुआ की किशनपुर पंचायत में अज्ञात व्यक्ति के द्वारा सार्वजनिक कुएं में जहरीला पदार्थ डालने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है. कुएं के ऊपर जो जाली रखी है उसके ऊपर सफेद पाउडर और कुएं की साइड में भी सल्फास के पाउच दिखे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा इस कुएं में जहर डाला गया है। कुएं के पानी पीने से महिला पुरूष सहित बच्चे ंषामिल हे। तकरीबन 37 लोग इस जहरीले पानी पीने से बीमार हुए है। जिसमें आठ लोगों की हालत गंभीर थी। इलाज के बाद इनकी हालत में भी सुधार आया है। वही कुछ मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। इस मामले में चैरई एसडीएम प्रभात मिश्रा ने बताया कि जानकारी मिलते ही मौके पर स्वास्थ्य महकमा और प्रषासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे है। जो लोग प्रभावित हुए है, उनका इलाज किया गया है। फिलहाल सभी की हालत खतरे के बाहर है।
कुएं में मछलियां और कीड़े मरे देखे गए
कुएं में कुछ मछलियां, कीड़े मकोड़े आदि मर चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि, हम लोगों ने भी इस पानी का सेवन किया है. पूरे गांव में पानी का वितरण हो चुका है. जिसमें कुछ लोगों ने पानी भी पी लिया है और पानी में झाग बन रहा है. जिसके बाद पानी की सप्लाई को तुरंत बंद कराया गया. जब ग्रामीणों ने कुएं के पास जाकर देखा कि आखिर किस कारण से कुएं से नल के पानी में झाग आ रहा है तो उन्हें कुएं के पास सल्फास पाउडर के कुछ अंश मिले हैं।
खाली करवाया गया कुआ
एसडीएम प्रभात मिश्रा ने बताया कि कुएं का पानी जहरीला होने के बाद सैम्पल लैब भिजवाए गए है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी कि कुएं में कौन से जहर मिलाया गया है। फिलहाल कुएं को खाली करवाया जा रहा है। कुआ खाली होने के बाद दोबारा पानी की जांच करवाई जाएगी। जिससे दोबारा इस घटना को दोहराया न सके। ग्रामीणों के लिए टैंकर से पेयजल सप्लाई की व्यवस्था बनाई गई है। वही डोर-टू-डोर सर्वे करवाया जा रहा है।
ये ग्रामीण हुए प्रभावित
कुएं का जहरीला पानी पीने से कोसा सोनी 70 साल, दसोदा वर्मा 45 साल, धनवती वर्मा 40 साल, सरस वर्मा 55 साल, किषोरी वर्मा 55 साल, सुमन वर्मा 4 साल, पियूष वर्मा 8 साल, मयंक वर्मा 10 साल, रूबल वर्मा 14 साल, रूबल सोनी 13 साल, विनीता वर्मा 33 साल, अतरवती उइके 56, उर्मीला सोनी 55, अन्नया सोनी 13 साल, राधिका वर्मा 12 साल, मालती उइके 21 साल, आयुष वर्मा 10, मनोज डेहरिया 18 साल, अन्नया वर्मा 12 साल, ंषषि वर्मा 40 साल, प्रमोद वर्मा 40 साल, बुद्धो वर्मा 65 साल, सुरेष वर्मा 46 साल, विद्या वर्मा 53, असलेखा वर्मा 58, अंबिका वर्मा 32 साल, आयुषि निर्मलकर 16 साल, गोरा उइके 16 साल, आर्यन वर्मा 30 साल, ंषुभम वर्मा 22 साल, वीरेद्र डेहरिया 38 साल, तुलाराम निर्मलकर 65 साल, विनोद डेहरिया 34 साल, सुखपाल वर्मा 33 साल, धर्मसिंग धुर्वे 40 साल, सुमन वर्मा 2.5 साल ंषामिल है।
