
बड़े मामले की धीमी कार्रवाई, डेढ़ सौ में से चालीस नामजद में दस दिन बाद केवल दस को ही पकड़ पाई पुलिस
नवभारत न्यूज
खंडवा। पिपलोद थानाक्षेत्र के आमाखजूरी जंगल में चालीस अतिक्रमणकारियों में से 10 को पकडक़र जेल भेज दिया गया। इन्होंने वर्दीवालों की टीम पर गोफनों से हमला कर दिया था। कुछ वनकर्मी लहूलुहान भी हुए थे। हजारों हेक्टेयर जंगल काटकर इन्होंने खेत बना लिए हैं।
इतने दिनों बाद चालीस में से केवल दस आरोपी ही पुलिस पकड़ पाई है। गंभीर तो यह है कि हमला एसएएफ जैसी टीम पर भी हुआ था। अतिक्रमण हटवाने वाली टीम में एक दिन पहले कलेक्टर-एसपी भी गए थे।
फोड़े थे सर व जेसीबी
आपको बता दें कि, 27 दिसंबर 24 को शासकीय वनभूमि के अतिक्रमणकारी पुरूष एवं महिलाओं द्वारा धारदार हथियार गोफन, पत्थर एवं लाठियों से एकमत एक राय होकर वन अमले पर जानलेवा हमला किया गया था। शासकीय कार्य मे बाधा उत्पन्न कर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था।
40 में से ये 10 पकड़ाए
थाना पिपलोद में पंजीबद्ध अपराध कुल 40 आरोपियों में से 10 आरोपीगण लालु उर्फ लालसिंग पिता खेमला डुडवे उम्र 55 साल, रामसिंग पिता वेस्ता उम्र 60 साल, मदन पिता रूखडिय़ा उम्र 42 साल, भुवानसिंग पिता इंदरसिंग उम्र 30 साल, सुखलाल पिता इंदरसिंह उम्र 32 साल, मुकेश पिता सुरंग उम्र 28 साल, गोपाल पिता भीलू उम्र 40 साल. नानसिंग पिता भारसिंग उम्र 40 साल, बाला पिता लाखासिंह उम्र 34 साल एवं कैलाश पिता फूलसिंह उम्र 34 साल सभी जाति भिलाला निवासी ग्राम आमाखजुरी भिलाईखेडा को आमा खजुरी के जंगल से गिरफ्तार किया गया है।
वनकर्मी की शिकायत पर कार्रवाई
फरियादी नरेन्द्र सिंह पिता मोतीलाल पटेल वन परिक्षेत्र गुड़ी की रिपोर्ट पर से अपराध क्रमांक 495/24 धारा 109(1), 121(1), 132, 191(1), 191(3)190, 324(4), 324(5), 189 (3) बीएनएस, 3/4 सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम में 40 नामजद एवं अन्य के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। आरोपीगणों में से उक्त 10 को गिरफ्तार कर खंडवा न्यायालय में पेश किया गया है। जहाँ से उन्हें खंडवा जेल भेज दिया गया।
