कालजयी कविताएँ,हाड़ी रानी नाटिका,व्यंग्य, प्रख्यात लेखिकाओं की रचनाओं की प्रस्तुति हुई
इंदौर :इंदौर लेखिका संघ के वार्षिकोत्सव में साहित्य-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ हुईं।अभिनव कला समाज में कार्यक्रम की शुरुआत मनीषा अग्रवाल रक़्स के सरस्वती नृत्य से हुई ।
राजपुताना के त्याग- बलिदान की पराकाष्ठा की अमर कहानी हाड़ी रानी डिंपल अग्रवाल द्वारा लिखित व निर्देशित नृत्य नाटिका सदस्यों ने पेश की। महिमा वर्मा के संयोजन में दिनकर, हरिवंश रायबच्चन, हरिकृष्ण प्रेमी , नर्मदा प्रसाद खरे, शिव मंगल सिंह सुमन की कविताओं की प्रभावी प्रस्तुति ,डॉ अर्चना श्रीवास्तव के समूह द्वारा आज की व्यवस्था पर प्रहार करता व्यंग्य नेताजी का पौधारोपण लघु नाटक किया गया। शिखा चक्रवर्ती सहित अन्य गायिकाओं ने सरगम के सुरीले गीत पेश किए।प्रभा जैन ने अमृता प्रीतम की कविता मैं तुम्हें फिर मिलूँगी, अंजुल कंसल ने शिवानी, कृष्णा शर्मा ने मालती जोशी, सीता सेन ने सुभद्रा कुमारी चौहान, आभा मिश्रा ने कश्मीरी लेखिका के रूप में भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
आकर्षक रंगारंग प्रस्तुतियाँ
उम्र को ठेंगा दिखातीं मुन्नी गर्ग, नीति अग्निहोत्री, शोभारानी ने होली नृत्य किया। सुरेखा भारती अनुपमा समाधिया , नवनीत जैन , प्रभा तिवारी के युगल नृत्य भी हुए ।
संचालन रफीका रंगवाला, नमिता दुबे ने किया। स्वागत उद्बोधन व आभार विनीता तिवारी ने दिया। मंजुला भूतड़ा ने साहित्यिक प्रश्नोत्तरी करवाई।
