परंपरागत तरीके में बदलाव कर फूड प्रोडक्ट को अधिक दिनों रखने के प्रक्रिया खोजने में लगी हैं प्रयोगशाला
बी वॉक के विद्यार्थियों ने प्रॉजेक्ट वर्क के रूप में स्वादिष्ट अचार तैयार कर लोगों को चखाया
चित्रकूट: महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित दीनदयाल कौशल केन्द्र की प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को नए-नए प्रोडक्ट बनाने का गहन अभ्यास कराया जा रहा है। इस केंद्र में छात्रों को न केवल व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है, बल्कि उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल भी सिखाए जा रहे हैं, जो उनके भविष्य को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएंगे। आज बी वॉक के विद्यार्थियों ने प्रॉजेक्ट वर्क के रूप में किए गए प्रोडक्शन का प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियो का प्रयास है कि परंपरागत तरीके में बदलाव कर फूड प्रोडक्ट को अधिक दिनों रखने के प्रक्रिया खोजा जाय। इस मौके पर बी वॉक के विद्यार्थियों ने प्रॉजेक्ट वर्क के रूप में स्वादिष्ट अचार तैयार कर लोगों को चखाया, जिसकी लोगों ने प्रशंसा की। खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष इंजी अश्विनी दुग्गल और प्रयोगशाला इंस्ट्रक्टर बाबू लाल ने प्रॉजेक्ट वर्क में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष इंजी अश्विनी दुग्गल ने बताया कि यह पहल कुलगुरू प्रो भरत मिश्रा के निर्देशन में महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की दृष्टि और उद्देश्य को साकार करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो छात्रों को स्वावलंबी बनने के साथ-साथ समाज की सेवा करने की भावना से भी प्रेरित करती है।उन्होंने बताया कि छात्रों ने गाजर, मूली, टमाटर, चुकंदर, अदरक, मिर्च, शलजम और सेम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों का उपयोग कर अचार तैयार किया है। यह अचार न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है। इस प्रकार के नवाचार से छात्रों में रचनात्मकता और खाद्य प्रसंस्करण का कौशल विकसित हो रहा है।
दीनदयाल कौशल केंद्र की प्रयोगशाला में और भी कई प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं। आँवले से ‘आँवला मुरब्बा’, ‘आँवला कैंडी’, ‘स्क्वैश’ और ‘आर.टी.एस. (रेडी टू सर्व)’ जैसे पेय पदार्थ। इन उत्पादों को बनाने की प्रक्रिया में छात्रों को कच्चे माल की गुणवत्ता की पहचान, सही मिश्रण, पैकेजिंग और बाज़ार के लिए उत्पाद तैयार करने के कौशल सिखाए जा रहे हैं।
यह केंद्र छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रहा है। खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ, यहाँ कृषि आधारित उद्योगों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस तरह, दीनदयाल कौशल केंद्र न केवल छात्रों को व्यावसायिक रूप से सक्षम बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
