
सौसर। मोहगांव बैल बाजार में बढ़ती गौ-तस्करी की घटनाओं के विरोध और गौ-रक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक विजय चौरे के नेतृत्व में एक विशाल गौ-रक्षा जनजागरण सभा का आयोजन किया गया। स्थानीय बैल बाजार में आयोजित इस सभा में विधायक ने तस्करों और प्रशासन को कड़े लहजे में चेतावनी दी।
गौ-माता का स्थान जन्म देने वाली माता के समान – विधायक चौरे
जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक विजय चौरे भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा,जितनी हमारी जन्म देने वाली माता पूज्यनीय है, उतनी ही गौ-माता भी पूज्यनीय हैं। मानव सभ्यता के विकास में इनका योगदान अतुलनीय है और इनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहगांव और ग्राम सवरनी से हजारों की संख्या में हो रही गौ-तस्करी अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीति से ऊपर है गौ-सेवा
विधायक ने इस आंदोलन को दलीय राजनीति से ऊपर बताते हुए कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि गौ-प्रेमी सनातनी हिंदुओं का आंदोलन है। सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,जो लोग गौ-माता के नाम पर वोट लेकर सरकार बनाते हैं और जिनकी ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार है, वे आखिर तस्करी रोकने में नाकाम क्यों हैं? आज हमारे इस जनजागरण का ही असर है कि बैल बाजार में किसी तस्कर की घुसने की हिम्मत नहीं हुई।
थाने में उतारी पुलिस की आरती, जताया अनोखा विरोध
सभा के पश्चात विधायक चौरे, बड़ी संख्या में गौ-प्रेमियों, महिलाओं और नगरवासियों के साथ मोहगांव पुलिस थाना पहुंचे। यहाँ उन्होंने पहले गौ-माता का पूजन किया और फिर पुलिस प्रशासन की आरती उतारकर अपना अनूठा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से दो-टूक कहा कि बाजार में केवल किसान आने चाहिए, तस्कर नहीं।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
विधायक ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यह अभी केवल एक सांकेतिक चेतावनी और निवेदन है। यदि तत्काल तस्करी पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो समस्त क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र येमदे, नगर कांग्रेस अध्यक्ष शंकर ब्रम्हे, राधेश्याम माहेश्वरी, सुनील भांगे, सुभाष कलंबे, विट्ठल गायकवाड, अमरीश जैसवाल, धीरज माहेश्वरी, प्रशांत महाले, शेखर ढोबले, नितिन ढोबले, ज्ञानेश्वर ब्रम्हे, एड. रामशिला सूर्यवंशी, विशाखा चौरे, अंसार खान, संजय हनवतकर, रुखमानंद येलकर, प्रभाकर लिखारे, जुबेर अली, अंकुश उइके, हर्ष सदारंग सहित सैकड़ों गौ-सेवक उपस्थित थे।
