तीन सदस्यीय टीम ने चेक लिस्ट के अनुसार जांची व्यवस्था
सतना :मिशन कायाकल्प के अंतर्गत शुक्रवार को जिला चिकित्सालय का फाइनल असेसमेंट हुआ. इस दौरान बाहर से आए 3 सदस्यीय चिकित्सकों के दल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की चेक लिस्ट के अनुसार अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया. जिसमें प्राप्त अंकों के आधार पर कायाकल्प पुरस्कार की घोषणा की जाएगी.कायाकल्प अभियान के अंतर्गत प्रति वर्ष जिला अस्पतालों का निरीक्षण किया जाता है. पूर्व में हो चुके सारे असेमेंट के बाद शक्रवार को जिला चिकत्सालय का फाइनल असेसमेंट पूरा हो गया. फाइनल असेसमेंट में बतौर असेसर उमरिया आरएमओ डॉ. संदीप सिंह, स्टेट काउंसलर भोपाल डॉ. विवेक मिश्रा और नरसिंहपुर जिला अस्पताल से डॉ. राजीव यादव जिला चिकित्सालय सतना का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली चेक लिस्ट के आधार पर तीन सदस्यीय दल ने जिला अस्पताल के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया. जिसमें मुख्य द्वार से लेकर ओपीडी, जिला अस्पताल के सभी वार्ड, आईसीसीयू, एसएनसीयू, पीकू वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रुम, नैदानिक केंद्र, बायो मेडिकल वेस्ट स्टोरेज स्थल, लॉण्ड्री व रसोईं सहित सभी स्थान सम्मिलित रहे. निरीक्षण करने वाली टीम ने अस्पताल में तैनात स्टाफ से चर्चा करते हुए उनके काम-काज से संबंधित जानकारी भी जानने का प्रयास किया गया. जिसमें अस्पताल के कुछ कर्मचारी अपेक्षा पर खरे उतरते नजर नहीं आए.
हलांकि कायाकल्प अभियान के फाइनल असेसमेंट को देखते हुए साफ-सफाई से लेकर रसोईं और लॉण्ड्री की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने का प्रयास किया गया था. लेकिन इसके बावजूद भी असेसर्स की नजरों से कुछ व्यवस्थागत खामियां छिप न सकीं. जिसे सुधारने को लेकर नसीहत भी दी गई. वहीं अस्पताल में नई-नई खुली कैंटीन में ब्रेड के पैकेट में तिथि अंकित न होने पर फटकार लगाई गई. समूचे अस्पताल की निरीक्षण करने के बाद असेसर्स का दल वापस लौट गया. चेक लिस्ट के अनुसार किए गए मूल्यांकन को सीधे भोपाल भेज दिया जाएगा. जहां पर प्राप्तांकों के आधार पर कायाकल्प पुरस्कार की घोषणा की जाएगी. वहीं मिशन कायाकल्प के अंतर्गत शुक्रवार को ही दो सदस्यीय दल ने जिले के मझगवां में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया.
पुरस्कृत होने के बाद पिछड़ा
कायाकल्प अभियान के प्रथम चरण में दूसरे जिले के चिकित्सकों के दल द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाता है. जिसमें 70 प्रतिशत अंक पाने पर ही संबंधित जिला अस्पताल को कायाकल्प में शामिल किया जाता है. जिसके बाद राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जाता है. वहीं फाइनल असेसमेंट में प्राप्त होने वाले अंक के आधार पर राज्य भर के जिला अस्पतालों की सूची तैयार होती है. जिसमें से प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 50 लाख, द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर 30 लाख और सांत्वना पुरुस्कार के तौर पर 3-3 लाख रु प्रदान किए जाते हैं. अस्पताल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय सतना को वर्ष 19-20, 20-21 और 22-23 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था. जबकि वर्ष 23-24 में जिला अस्पताल अंक तालिका में खासा पिछड़ गया था
