राष्ट्र नव निर्माण में आप भी कार्यकर्ता बने – भागवत

 

उपदेश देना नहीं उदाहरण बनना लक्ष्य होना चाहिए

 

नव भारत न्यूज

 

इंदौर। आप के पास सद्गुण देखने की कला है , वह किसी से भी मिल सकती है। गुणवान बनकर देश हित में उनको अर्पण करने के सोच होना चाहिए। हमारा लक्ष्य उपदेश देना नहीं , बल्कि उदाहरण बनना होना चाहिए। सद्गुणों के ठेकेदार सिर्फ संघ नहीं है, लेकिन भारत हित में ऐसी वृत्ति का होना आवश्यक है।

 

यह बात आरएसएस के प्रमुख सरसंघ चालक मोहन भागवत ने मालवा प्रांत के स्वर शतकम कार्यक्रम में कही।

 

 

डॉ. भागवत ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि घोष वादन प्रस्तुति काम के दौरान समय निकालकर परिश्रम से किया गया वादन है, यह विशिष्ट है। मैदानी संगीत में रण संगीत की रंगदारी बजती है। रण संगीत हमारी परंपरा है , जो लुप्त हो गई है।

 

उन्होंने कहा कि संगीत वैश्विक है, मगर भारत का संगीत चित्त वृत्तियों को शांत कर आनंद पैदा करता है। वैश्विक संगीत चित्त वृत्तियों को उत्तेजित करता है। चित्त वृत्तियों को शांत कर आनद की अनुभूति प्राप्त करना संगीत है। घोष वादन में रुचि पैदा होना और संघ की कई शाखाओं में घोष वादन की कमी के बाद कोशिश करके खड़ा किया है। ध्वजारोहण के समय राजेश्वरी राग का घोष हुआ। आज हर्ष है कि एक साथ इतनी संख्या में संघ के कार्यकर्ता घोष वादन कर रहे हैं। आपने सुना लेकिन इसको सीखना भी चाहिए।

 

 

डॉ. भागवत ने दंड का उदाहरण देते हुए बताया कि यह सिर्फ घुमाने से वीरवृत्ति प्राप्त होती है। आनद मठ में वंदे मातरम के नायक एक रात किसी के घर ठहरता है और डाकुओं के हमले को लाठी से नाकाम कर देता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब लट्ठ का समय गया , लेकिन सुशिक्षित हाथ में होने से बहुत कुछ कर जाता है।

संघ के प्रदर्शन को आप देखते हैं, इससे सद्गुणों में वृद्धि होती है, अनुशासन आता है।

 

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कबीर लोकगायक पद्मश्री कालूराम टिपानिया ने कहा कि मुझे भाषण देना नहीं आता । मैं कबीर भजन गायक हूं।

 

कार्यक्रम में पहुंचे कई वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी

 

 

आरएसएस के दशहरा मैदान पर स्वर शतकम कार्यक्रम में कई वर्तमान अधिकारी और सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हुए। पुलिस विभाग से लेकर आईएएस, एसडीएम , तहसीलदार , प्रोफेसर से लेकर क्लर्क तक मौजूद थे। इनमें कई अधिकारी इंदौर और दूसरे जिलों में पदस्थ हैं।

 

ये नेता भी शामिल हुए

 

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, कृष्ण मुरारी मोघे, विधायक उषा ठाकुर, रमेश मेंदोला, सावन सोनकर , प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा, प्रमोद टंडन , निगम एमआईसी सदस्य, नगर एवं जिला अध्यक्ष सहित भाजपा के कई नेता और पदाधिकारी भी शामिल हुए।

 

750 संघ कार्यकर्ता ने घोष वादन प्रस्तुति दी

 

पिछले तीन दिन से शहर के एमराल्ड हाइट्स स्कूल में घोष वादन शिविर चल रहा था। आज समापन अवसर पर 1150 घोष वादकों में से चयनित 750 कार्यकर्ताओं ने प्रस्तुति दी।

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