आरआईसी में औद्योगिक इकाइयों का हुआ भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

भोपाल, 01 जनवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश के संतुलित औद्योगिक निवेश का स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। इस दौरान प्रदेश के 6 शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आर.आई.सी) आयोजित की गई, जिनमें 259 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया गया। अधिकांश निवेशकों को कॉन्क्लेव के दौरान ही भूमि आवंटित कर दी गई। इन कॉन्क्लेव्स के परिणामस्वरूप प्रदेश में 18 हजार 197 करोड़ रूपये का निवेश आएगा और 32 हजार 905 लोगों को रोजगार मिलेगा।

डॉ. यादव ने कहा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, प्रदेश के सभी क्षेत्रों में समान औद्योगिक विकास को समर्पित एक ऐतिहासिक नवाचार है। इन आयोजनों के माध्यम से सरकार ने न केवल निवेश आकर्षित किया है, बल्कि औद्योगिक विकास के जरिये सामाजिक और आर्थिक प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इस वर्ष उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा और नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। नई औद्योगिक इकाइयों से प्रदेश में रोजगार, विकास और समृद्धि का रास्ता खुलेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का हर शहर और हर गांव विकास यात्रा का मूक-दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार बनेगा। इससे आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से न केवल बड़े शहरों में अपितु कस्बों और गांवों तक औद्योगिक निवेश का लाभ पहुँचेगा। उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सागर जैसे क्षेत्रों में हुए निवेश से क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने और विकास के विकेंद्रीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आर.आई.सी. में आए निवेशों से छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। कृषि प्रसंस्करण, कपड़ा, खाद्य उद्योग, और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से न केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को भी सशक्त बनाया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने से बुनियादी ढांचे का विकास होगा। बिजली, पानी, सड़कों और लॉजिस्टिक नेटवर्क का विस्तार होगा, जो स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों के लिए लाभकारी होगा।

उज्जैन आरआईसी में 61 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण हुआ, इनसे 10 हजार 59 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 16 हजार 968 रोजगार सृजित होंगे। जबलपुर आरआईसी में 67 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण हुआ, जिनसे एक हजार 531 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 4 हजार 560 रोजगार सृजित होंगे।

ग्वालियर आरआईसी में 28 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण हुआ, जिनसे एक हजार 321 करोड़ रूपये का निवेश आएगा और 3 हजार 785 रोजगार सृजित होंगे। रीवा आरआईसी में 21 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण हुआ, जिनसे 2 हजार 690 करोड़ रूपये का निवेश आएगा और एक हजार 830 रोजगार सृजित होंगे।

नर्मदापुरम आरआईसी में 82 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण हुआ, जिनसे 2 हजार 595 करोड़ रूपये का निवेश आएगा और 5 हजार 762 रोजगार सृजित होंगे। सागर आरआईसी में आए प्रस्तावों से 1,646 करोड़ रूपए के निवेश आएगा और 5,944 रोजगार सृजित होंगे।

 

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