
जबलपुर। जेएमएफसी गौरव गर्ग ने अपने अहम आदेश में कहा है कि फर्म का चेक अधिकृत व्यक्ति जारी कर सकता है। फर्म का चेक जारी करने के लिए आरोपी अधिकृत व्यक्ति था, इस संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गये है। न्यायालय ने इस आधार पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
सोनी एंड संस ने साढे चार लाख का चेक बाउंस होने के कारण वर्धमान सेल्स कॉर्पोरेशन के प्रोप्राइटर रविन्द्र कुमार जैन के खिलाफ परिवाद दायर किया था। सुनवाई के दौरान अनावदेक की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अभय शुक्ला ने तर्क दिया कि वर्धमान सेल्स कॉर्पोरेशन एक फर्म होने के कारण सिर्फ अधिकृत व्यक्ति को चैक जारी करने का अधिकारी है। अनावेदक अधिकृत व्यक्ति था,इस संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इस आधार पर अनावेदक के खिलाफ धारा 138 का प्रकरण नहीं बनता है। न्यायालय ने तर्क से सहमत होकर अनावेदक को दोषमुक्त कर दिया।
