मध्य प्रदेश में वनस्पति वसा और अन्य सामग्री से तैयार होने वाले एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है. दूध से बने वास्तविक पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किए जाने वाले ऐसे उत्पादों को लेकर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य […]
संपादकीय
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भारत का दक्षिण एशिया का ‘कैंसर कैपिटल’ बनना केवल एक चिंताजनक आंकड़ा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने खड़ी गंभीर चुनौती का संकेत है. लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया की रिपोर्ट और विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में सार्क देशों में बाल कैंसर के 37,716 […]
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का हाल ही में लिया गया फैसला निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है, लेकिन इसे न्याय व्यवस्था की सारी समस्याओं का समाधान मान लेना जल्दबाजी होगी. संसद ने सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर मुख्य न्यायाधीश को छोडक़र न्यायाधीशों की […]
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के बाद अब विद्यार्थियों की उपस्थिति की ऑनलाइन निगरानी शुरू करने का शिक्षा विभाग का फैसला स्वागत योग्य है. शिक्षा व्यवस्था में सुधार की शुरुआत इस बुनियादी सवाल से ही होनी चाहिए कि स्कूल में बच्चे नियमित रूप से आ भी रहे […]
बिहार की बांकीपुर और मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीटों पर भाजपा की हार को केवल दो उपचुनावों का परिणाम मानकर नजरअंदाज करना राजनीतिक दृष्टि से उचित नहीं होगा. उपचुनाव अक्सर स्थानीय परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं, लेकिन कई बार वे जनभावनाओं और संगठन की वास्तविक स्थिति का संकेत भी देते […]
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में मजदूरों पर हुआ नृशंस आतंकी हमला केवल दो निर्दोष भारतीय नागरिकों की हत्या भर नहीं है, बल्कि यह भारत की आंतरिक शांति, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती देने का एक सुनियोजित प्रयास है. जिस प्रकार आतंकियों ने पहले नाम और धर्म पूछा, फिर पानी […]
पाक अधिकृत कश्मीर में तेजी से बिगड़ते हालात केवल पाकिस्तान का आंतरिक संकट नहीं हैं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से भी सीधे जुड़े हुए हैं. रावलाकोट, मुज़फ़्$फराबाद और कोटली जैसे क्षेत्रों में नागरिक प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के हताहत होने के दावे और व्यापक असंतोष इस […]