इंदौर:राऊ तहसील के ग्राम रंगवासा में स्थित करोड़ों की जमीन गणेश सहकारी साख संस्था से शासन ने वापस ले ली. संभागायुक्त ने पूर्व में कलेक्टर के आदेश को यथावत रखते हुए सरकारी जमीन घोषित की. करीब पचास एकड़ जमीन का बाजार मूल्य सौ करोड़ रुपए से ज्यादा है.आज संभागायुक्त दीपक सिंह ने राऊ तहसील के ग्राम रंगवासा में स्थित खसरा नंबर 1 और 4 के 19.470 हेक्टेयर यानी करीब 50 एकड़ बेशकीमती जमीन को सरकारी घोषित किया. उक्त प्रकरण में आयुक्त न्यायालय ने जमीन संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे. प्रकरण में फूलीबाई पति चुन्नीलाल, नानजीराम पिता चुन्नीलाल, विक्रम पिता चुन्नीलाल, सुमनबाई पति बालाराम, पवन पिता बालाराम, सुनीता पति दिनेश, सविता पति इश्वर, गंगाबाई पति गेंदालाल, देव कन्या पति धन्नालाल, कैलाश पति अमर सिंह, घनश्याम पिता तोलाराम एवं बिहारीलाल पिता तोलाराम सभी निवासी रंगवासा ने कलेक्टर आदेश के विरुद्ध अपील की थी.
दस्तावेज व साक्ष्य नहीं कर सके प्रस्तुत
प्रकरण में रंगवासा बेशकीमती शासकीय भूमि पर गणेश सामूहिक सहकारी संस्था के माध्यम से 19.470 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करते हुए रजिस्ट्रीकरण एक्ट के उपबंधों एवं संहिता की धारा 165 (7 ख) का उल्लंघन करना पाया गया. साथ ही संस्था का ना पंजीयन था और ना ही सहकारिता नियमों के तहत बायलाज बनाया गया था. किस उद्देश्य से जमीन ली गई वो भी संस्था के सदस्य साबित नहीं कर पाएं. प्रकरण उक्त संस्था के 12 सदस्यों ने प्रकरण में अपना पक्ष रखा था, लेकिन दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके.
संभागायुक्त सिंह ने दोनों पक्षों, साक्ष्य और दस्तावेजों की जांच और सुनवाई करने के बाद कलेक्टर न्यायालय के आदेश को यथावत रखने का आदेश पारित किया है.
सौ करोड़ है बाजार मूल्य
इस प्रकरण में संभागायुक्त सिंह ने आदेश पारित करते हुए उल्लेख किया कि प्रश्नाधीन भूमि शासकीय भूमि है. इस भूमि के अभिलेख खाता, खसरा में अहंतातरणीय लिखा जाकर इस शासकीय भूमि को वापस शासन के राजस्व रिकार्ड में सरकार के पक्ष में करते हुए कार्रवाई संबंधित दस्तावेज आयुक्त न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. उल्लेखनीय है कि इस फैसले से ग्राम रंगवासा स्थित शासन की बेशकीमती 100 सौ करोड़ रूपए बाजार मूल्य कीमत है