मतदाता सूची में उचित नाम दर्ज कराएं ताकि एनआरसी की परेशानियों से बच सकें: ममता

कोलकाता  (वार्ता) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र सरकार के पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को भविष्य में लागू करने के प्रयास को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में लोग यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम उसमें सही तरीके से लिखा हो जिससे उन्हें हिरासत केंद्र में न भेजा जा सके।
सुश्री बनर्जी ने आधिकारिक बयान में कहा,“यह एनआरसी का खेल दोबारा शुरू हो गया है। इस मंच से, मैं बंगाल में रहने वाले सभी निवासियों से सावधान रहने के लिए कह रही हूं क्योंकि भविष्य में केंद्र सरकार कह सकती है की तुम्हारा नाम एनआरसी में नहीं है और वे आपको हिरासत केंद्र में भेज सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस गलत मुद्दे को पूरा नहीं होने देगी। उन्होंने लोगो से मतदान केंद्र जाकर मतदान सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आग्रह किया।
उन्होंने लाभार्थियों को जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में कहा,“सुनिश्चित करें की आपका नाम मतदान सूची में सही हो। यह पता करें की एनआरसी की आड़ में केंद्र सरकार ने आपका नाम सूची से तो नहीं हटा दिया। मतदान केंद्र जाएं और अपना नाम देखें। कभी ऐसा हो सकता है की आपका नाम सही हो लेकिन आपके जीवनसाथी न हो और तुम्हारा नाम भी हटा दें। ध्यान रखें की ऐसा न हो।”
सुश्री बनर्जी ने कहा कि वह लोगों को आगाह कर रही हैं क्योंकि असम में एनआरसी सूची में से बहुत सारे नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा,“हमने तब भी आंदोलन किया था और आज भी मैं दोहराती हूं कि मैं एनआरसी की निंदा करती हूं।”
सुश्री ममता ने नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना कहा कि वह वर्ष 1971 से पहले बंगलादेश से अपना सबकुछ खोकर आए लोगों के समर्थन की वजह से प्रधानमंत्री बने हैं।
उन्होंने कहा,“इन लोगों को अब बताया जा रहा है कि वे हमारे देश के नागरिक नहीं हैं। अगर ऐसा है तो ये लोग कैसे बाहर गए और आपको वोट दिया।”
उन्होंने कहा,“आज आप दावा कर रहे हैं कि आप इन लोगों को नागरिकता देंगे। क्या यह उन लोगों के लिए अपमानजनक नहीं है जो यहां काम करते हैं और उनके बच्चे यहां स्कूलों में पढ़ते हैं। इन लोगों के पास पहले से ही आधार कार्ड है, उनके पास राशन कार्ड है और उनके पास मतदाता पहचान पत्र हैं।”
उन्होंने कहा कि इस साल 18 साल के होने वाले लोगो को भी मतदान केंद्र पर जाना चाहिए और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में आ गया है।
सुश्री बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार पर्याप्त मुआवजे का भुगतान किए बिना विकास परियोजनाओं के लिए लोगों से जमीन लेने में विश्वास नहीं रखती है। उन्होंने कहा, “बंगाल सरकार बुलडोजर के इस्तेमाल और लोगों की जमीन पर बुलडोजर चलाने की नीति में विश्वास नहीं करती हैं।”
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा,“मैं सभी को यह बताना चाहता हूं अगर केंद्र सरकार भी आपसे हवाईअड्डे बनाने के लिए आपकी जमीन मांगती हैं, आंदोलन शुरू करती है तो राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है। जब तक आपको उचित मुआवजा नहीं दिया जाता तब तक अपनी जमीन मत छोड़िए।”

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