सतना। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र मंदाकिनी नदी में दीपदान कर मां मंदाकिनी की पूजा-अर्चना की और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के प्रमुख संतों को शॉल, श्रीफल और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम से गुप्त गोदावरी तक फोरलेन सड़क निर्माण का भूमि पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने बच्चों को दीपावली के उपहार भी दिए। इसके बाद मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए पीपा पुल का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन नहीं, बल्कि तीर्थाटन की भावना से कर रही है। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर ओरछा में रामराजा लोक और चित्रकूट में भव्य वनवासी राम लोक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की पहचान हैं और धार्मिक स्थलों पर आने से मन के भाव पवित्र होते हैं।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के 11 वर्ष से अधिक समय यहां बिताया था। यह भगवान राम की तपोभूमि है। उन्होंने मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में गुरु से ज्ञान प्राप्त किया था, जबकि ओंकारेश्वर में जगतगुरु शंकराचार्य को उनके गुरु मिले थे।
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, चित्रकूट विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष विजय यादव, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, कमिश्नर शैलेंद्र सिंह, आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी हेमंत चौहान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, जिला पंचायत सीईओ सपना त्रिपाठी, नगर निगम आयुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर विकास सिंह सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
