कानपुर, 07 नवंबर (वार्ता) भारत निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि एक जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में संशोधन किया है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब मतदाता सूची का प्रारूप 17 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 16 दिसंबर तक नाम शामिल कराने, हटवाने और विवरण में संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। पहले यह अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक निर्धारित थी।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के छह नवंबर 2026 के निर्देशों के क्रम में संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चार जनवरी 2027 को होगा। उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन की पूर्व निर्धारित तिथि दो नवंबर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 21, 22, 28 और 29 नवंबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन तिथियों में सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूद रहेंगे। उनके पास अद्यतन निर्वाचक नामावली और आवश्यक आवेदन पत्र उपलब्ध रहेंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी, जहां मतदाताओं को आवेदन पत्र भरने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के इच्छुक पात्र नागरिक अपनी नवीनतम फोटो, जन्मतिथि और निवास संबंधी अभिलेखों की स्वप्रमाणित छायाप्रति लेकर पहुंचें। परिवार के किसी सदस्य का मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध होने पर उसकी संख्या भी साथ रखें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6, मृतक अथवा अन्य निर्धारित कारणों से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 तथा दर्ज विवरण में संशोधन या निवास स्थान बदलने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा। ये आवेदन पत्र बीएलओ, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय और जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध हैं।
उन्होंने जनपद के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित अवधि में अपने बीएलओ से संपर्क कर मतदाता सूची में अपना और परिवार के अन्य पात्र सदस्यों का नाम दर्ज होने की पुष्टि कर लें। जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी के लिए मतदाता सूची में उसका नाम दर्ज होना आवश्यक है।
