पिपलियामंडी की मोबाइल दुकान और पिपलिया विशनिया के मकान में भीषण आग, लाखों का नुकसान

पिपलियामंडी। पिपलियामंडी और समीपस्थ ग्राम पिपलिया विशनिया में दो अलग-अलग स्थानों पर आगजनी की घटनाओं ने दो परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पिपलियामंडी में शनिवार सुबह जैन मंदिर गली स्थित मोबाइल दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग में दुकान में रखे महंगे मोबाइल, कैमरे, मोबाइल एसेसरीज, मशीनें और अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गए। दुकान संचालक के अनुसार करीब 20 से 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं शुक्रवार देर शाम पिपलिया विश्निया में एक मकान में आग लगने से एक लाख रुपए नकद, दो सिलाई मशीनें, शादी का सामान, तैयार कपड़े और घर की पूरी गृहस्थी जलकर नष्ट हो गई। मकान मालिक के अनुसार इस घटना में करीब 5 से 7 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। दोनों घटनाओं में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।

पिपलियामंडी नगर की जैन मंदिर गली स्थित हर्ष मोबाइल शॉप में शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास रहने वाले लोगों ने दुकान से धुआं निकलते देख तत्काल दमकल को सूचना दी। देखते ही देखते आग ने दुकान के अंदर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर नगर परिषद की फायर फाइटर और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक दुकान में रखा अधिकांश कीमती सामान जलकर राख हो चुका था। दुकान मालिक राजेंद्र गोयल दुकान के ऊपर ही निवास करते हैं। उन्होंने नीचे स्थित मोबाइल दुकान कनघट्टी निवासी अनस पिता अनवर खान को किराए पर दे रखी थी। दुकान संचालक अनस खान के अनुसार दुकान में बड़ी संख्या में महंगे मोबाइल, मोबाइल एसेसरीज, कैमरे, मशीनें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा हुआ था। आग इतनी भीषण थी कि दुकान के अंदर रखा सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। आग की गर्मी से दुकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। अनस खान ने बताया कि आग कैसे लगी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिल पाई। घटना में करीब 20 से 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सुबह पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली।

पिपलिया विशनिया में मकान में लगी आग, नकदी और शादी का सामान भी जला :-

दूसरी घटना शुक्रवार देर शाम पिपलिया विश्निया गांव की नई आबादी में हुई। यहां दिनेश प्रभुलाल राठी के मकान में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते घर में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में रखे एक लाख रुपए नकद, दो सिलाई मशीनें, कपड़े, शादी का सामान और अन्य घरेलू

सामग्री आग में जलकर नष्ट हो गई। आगजनी में मकान की पूरी गृहस्थी बर्बाद हो गई। दिनेश राठी के अनुसार इस घटना में करीब 5 से 7 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

आगजनी से प्रभावित दिनेश राठी ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह गांव में सिलाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास खेती की कोई जमीन नहीं है और सिलाई ही परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। दीपावली के लिए उन्होंने मेहनत से 70 से 80 जोड़ी कपड़े तैयार किए थे। इसके अलावा ग्राहकों के सिलाई के लिए दिए गए कपड़े भी घर में रखे हुए थे। आग में ये सभी कपड़े जलकर राख हो गए। उन्होंने बताया कि बेटे दीपक की शादी 20 अप्रैल 2026 को हुई थी। शादी में मिला और खरीदा गया घरेलू सामान भी घर में रखा था, जो आग की भेंट चढ़ गया। घर में रखी एक लाख रुपए की नकदी भी जल गई। भावुक होकर दिनेश राठी ने कहा कि वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान एक ही घटना में खत्म हो गया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी और दोबारा गृहस्थी बसाने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है और आगजनी ने उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। इधर आगजनी की घटना के बाद कांग्रेस नेता अनिल शर्मा एवं विजेश मालेचा ने अनुविभागीय अधिकारी स्वाति तिवारी और तहसीलदार पंकज जाट से चर्चा की। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आगजनी में पूरी गृहस्थी गंवा चुके दिनेश राठी के परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई, ताकि परिवार को दोबारा रहने के लिए घर और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और आगजनी से होने वाले नुकसान के लिए आरबीसी के प्रावधानों के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता वर्तमान नुकसान की तुलना में बेहद कम है। किसी परिवार का लाखों रुपए का सामान आग में जलकर नष्ट हो जाता है, लेकिन मुआवजे के रूप में मिलने वाली राशि 12 हजार रुपए के आसपास या उससे कम रहती है। इतनी कम राशि से पीड़ित परिवार की क्षतिपूर्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आगजनी की घटनाओं में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की वर्षों की जमा पूंजी, रोजगार के साधन और गृहस्थी का सामान नष्ट हो जाता है। ऐसे में केवल औपचारिक सहायता देने से प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिल सकती। शासन को आरबीसी के संबंधित प्रावधानों में बदलाव कर वास्तविक नुकसान के अनुरूप पर्याप्त मुआवजे की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि आगजनी जैसी घटनाओं से प्रभावित परिवार फिर से अपना जीवन और रोजगार शुरू कर सकें।

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