
खातेगांव। थाना प्रभारी दिलीप पुरी की गाड़ी से कुचलकर की गई हत्या के मामले में देवास पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। अवैध शराब तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस टीम ने टिमरनी स्थित लाइसेंसी शराब दुकान के मैनेजर भूपेंद्र उर्फ विजय राणा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
गौरतलब है कि बीते 2 नवंबर को खातेगांव टीआई को सूचना मिली थी कि अवैध शराब से भरी एक आयशर गाड़ी हरदा की तरफ से आ रही है। जब टीआई ने नाकाबंदी कर गाड़ी को रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
जांच में हुआ खुलासा, अवैध सप्लाई का नेटवर्क-
पुलिस जांच में सामने आया कि यह शराब टिमरनी की एक लाइसेंसी दुकान से तस्करी के लिए निकाली गई थी। दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने नियमों को ताक पर रखकर बिना वैध दस्तावेजों के भारी मात्रा में शराब तस्करों को सौंपी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने टिमरनी स्थित संबंधित शराब दुकान को सील कर दिया है। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल, विजय राव, वाहन मालिक केरम सिंह, ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत, क्लीनर धीरज को पहले ही दबोच चुकी है। अब मैनेजर से रिमांड के दौरान यह पूछताछ की जा रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि शहीद टीआई की हत्या में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे शराब माफिया तंत्र को ध्वस्त किया जाएगा। लगातार पुलिस के द्वारा गुजरात के अहमदाबाद, मप्र के आलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी सहित अन्य शहरों में सरगर्मी से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
