
जबलपुर। मेडिकल पीजी प्रवेश में इन-सर्विस अभ्यर्थियों को 30 प्रतिशत आरक्षित सीटों के दायरे में ही प्रवेश देने संबंधी हाई कोर्ट का आदेश यथावत रहेगा। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद आदेश में संशोधन करने से इंकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को निर्धारित की गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी के अनुसार, मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में इन-सर्विस अभ्यर्थियों के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इसके बावजूद उन्हें ओपन कैटेगरी में भी प्रवेश दिया जा रहा था। इससे सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित होने का मुद्दा उठाया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने इन-सर्विस अभ्यर्थियों को निर्धारित 30 प्रतिशत आरक्षित सीटों के भीतर ही प्रवेश देने का निर्देश दिया था। गुरुवार को डीएमई ने आदेश में संशोधन की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन युगलपीठ ने उसे स्वीकार नहीं किया। इससे पूर्व में जारी निर्देश प्रभावशील रहेंगे।
