
झाबुआ. शिवगंगा अभियान के अंतर्गत आगामी 17 नवंबर को झाबुआ में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर मानगढ़ बलिदान दिवस एवं स्वाभिमान जागरण यात्रा का जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा। शिवगंगा परिवार झाबुआ के द्वारा यह आयोजन उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान में किया जाएगा।
झाबुआ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानगढ़ के अमर भील बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवसर पर मानगढ़ बलिदान स्थल को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग भी की जाएगी।
शिवगंगा के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से शिवगंगा परिवार इस मांग को लेकर लगातार जनजागरण अभियान चला रहा है। वर्ष 2022 में मानगढ़ धाम में आयोजित कार्यक्रम में झाबुआ से हजारों आदिवासी लोग शामिल हुए थे। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित हुए थे। इसी जनजागरण अभियान की अगली कड़ी के रूप में इस वर्ष झाबुआ में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
शिवगंगा के राजाराम कटारा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम को लेकर शिवगंगा परिवार द्वारा गांव-गांव जाकर तैयारियां की जा रही हैं। अब तक लगभग पांच हजार परिवारों तक कार्यक्रम का निमंत्रण पहुंचाया जा चुका है।
उन्होंने बताया की आयोजन में बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान 200 से अधिक ढोल-मांदल और भजन मंडलियां भी शामिल होंगी। कार्यक्रम में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ जनजातीय संस्कृति और सामूहिक एकता की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन के लिए मानगढ़ धाम की माटी भी लाई जा रही है। इसके लिए युवाओं की एक टोली मानगढ़ धाम के लिए रवाना की गई है। मानगढ़ से लाई गई माटी को 17 नवंबर के आयोजन में रखा जाएगा तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उसे नमन किया जाएगा।
ज्ञातव्य है की 17 नवंबर 1913 को मानगढ़ पहाड़ी पर अंग्रेजों द्वारा भील आदिवासियों का सामूहिक नरसंहार किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में भील आदिवासियों, महिलाओं और बच्चों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया था।
शिवगंगा के अनुसार यह आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगा और गोविंद गुरु सहित जनजातीय वीरों के संघर्ष की गाथा जानने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कराने की मांग को लेकर जनजातीय समाज की सामूहिक भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।