पर्यावरण के अनुकूल होली रंग बनाने का आयोजन

नयी दिल्ली, 03 मार्च (वार्ता) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत होली से पहले स्वच्छ रंग तैयार करने की कार्यशालाओं का आयोजन किया गया जिनमें पर्यावरण के अनुकूल रंग तैयार किये जा रहे हैं।

मंत्रालय के अनुसार यह कार्यक्रम पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत, मिशन लाइफ के अनुरूप सुरक्षित और दीर्घकालिक समारोह तथा उत्सवों के आयोजन को बढ़ावा देने के लिए इको-क्लबों में पर्यावरण के अनुकूल होली के रंग तैयार करने की कार्यशालाओं के रूप में आयोजित किया गया।

प्राकृतिक रंग बनाने के लिए कार्यशालाओं के आयोजन बराबर हो रहे हैं और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से छात्रों को पत्तेदार सब्जियों का उपयोग करके प्राकृतिक रंग तैयार करना सिखाया जा रहा है। हरा रंग ताजी पत्तेदार सब्जियों से, लाल रंग चुकंदर से, पीला रंग हल्दी से और नारंगी रंग पलाश से प्राप्त होता है। ये रंग पूरी तरह से रसायनों और हानिकारक पदार्थों से मुक्त हैं, जिससे उत्सवों का आयोजन लोगों और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित रहता है।

यह अभियान पर्यावरण क्लबों में तेज़ी से गति पकड़ रहा है और छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा में शामिल कर उन्हें लंबे समय तक चलने वाले समारोह और विधियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

मंत्रालय के अनुसार इसमें कृत्रिम रंगों के स्थान पर जैव अपघटनीय विकल्पों का उपयोग करके, युवा शिक्षार्थी अपने समुदायों में पर्यावरण के प्रति होने वाले उत्सवों में ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।

 

 

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