नई दिल्ली, दीपावली और त्योहारी सीजन की तैयारियों के बीच आम उपभोक्ताओं की जेब पर बड़ा बोझ पड़ा है। देश की प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल ने घी और मक्खन की कीमतों में तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की घोषणा की है। नए संशोधन के बाद अमूल ने घी के दाम में 40 रुपये प्रति लीटर और मक्खन (बटर) की कीमतों में 30 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया है। त्योहारों के मौके पर घरों में मिठाइयां, पकवान और अन्य व्यंजन बनाने के लिए इन उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है, ऐसे में ऐन दिवाली से पहले हुई इस बढ़ोतरी से घरेलू बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है।
मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर बढ़ेगा वित्तीय दबाव, मासिक घरेलू राशन का खर्च भी होगा प्रभावित
खाद्य पदार्थों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बढ़ती दरों से पहले से परेशान मध्यमवर्ग के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं है। घी और मक्खन न केवल त्योहारों की मिठाइयों का मुख्य हिस्सा हैं, बल्कि आम भारतीय परिवारों के दैनिक खानपान में भी नियमित रूप से उपयोग किए जाते हैं। व्यापारिक विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ त्योहारी सीजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम नागरिकों के मासिक राशन और रसोई के खर्च को भी लंबे समय तक प्रभावित करेगी, जिससे त्योहार की खुशियों के बीच आम आदमी की चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव और कच्चे माल की लागत बढ़ने से बढ़ा दबाव, त्योहारों पर मिठाइयों और डेयरी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने के आसार
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी वैश्विक तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के कारण खाद्य तेलों और कच्चे माल की लागत पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, दुग्ध उत्पादन लागत में आई तेजी के कारण डेयरी कंपनियों को यह कदम उठाना पड़ा है। बाजार जानकारों का मानना है कि अमूल द्वारा कीमतें बढ़ाए जाने के बाद अब अन्य स्थानीय ब्रांड्स और हलवाइयों द्वारा भी मिठाइयों व डेयरी उत्पादों की दरों में वृद्धि की जा सकती है, जिससे इस बार की दिवाली आम लोगों के लिए काफी महंगी साबित होने वाली है।

